यह है राहुल गांधी का ‘व्हील प्लान’, अगले कुछ महीनो में ऐसे बढ़ेगा कांग्रेस का यह अभियान

नई दिल्ली : राहुल गांधी ने अमेरिका में वाशिंगटन डीसी से लेकर न्यूयॉर्क तक ट्रक की यात्रा की। इससे पहले राहुल ने दिल्ली से लेकर चंडीगढ़ तक ट्रक में बैठकर यात्रा की थी। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बाद इस “व्हील प्लान” वाली यात्रा को लेकर पार्टी ने पूरी तैयारियां की है।

योजना के मुताबिक राहुल गांधी सिर्फ ट्रक ही नहीं बल्कि ऑटो से लेकर कैब और बस से लेकर अन्य वाहनों में सफर करके लोगों से सीधे  मुखातिब होने वाले हैं। पार्टी से जुड़े नेताओं के मुताबिक राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बाद इस तरीके से सीधे तौर पर लोगों से मिलने की यह अनूठी योजना जल्द ही शुरू होगी।

रोज कमाने खाने वालों से मिलने जुलने का सिलसिला शुरू करेंगे

राहुल गांधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा के बाद अचानक ट्रक ड्राइवर, बस में सफर करने वाले और घरों में खाना पहुंचाने वाले होम डिलीवरी ब्वॉय से मुलाकात करनी शुरू की। कांग्रेस पार्टी से जुड़े नेताओं के मुताबिक राहुल गांधी इस तरह न सिर्फ दिल्ली से चंडीगढ़ की यात्रा में एक ट्रक में सवार हुए बल्कि जल्द ही वह इस तरीके से और सफर करने वाले हैं।

कांग्रेस की रणनीति बनाने वालों में शामिल एक वरिष्ठ नेता कहते हैं कि पार्टी लगातार जनसंपर्क अभियान चला रही है। राहुल गांधी उन सभी तबकों से मिलकर उनसे सीधे संपर्क कर रहे हैं जो रोजमर्रा की जिंदगी में रोज कमाते हैं और रोज खाते हैं। राहुल गांधी के इस अभियान को “व्हील प्लान” के तहत देश के अलग-अलग राज्यों में शुरू करने की योजना बन रही है। दिल्ली से चंडीगढ़ और अमेरिका में वाशिंगटन डीसी से न्यूयॉर्क तक की सड़क यात्रा में ट्रक ड्राइवर से बातचीत के बाद पार्टी ने इसको बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है।

ऐसी अनूठी मुलाकातों से आम लोगों से जुड़ेंगे राहुल गांधी

कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पी एल पुनिया कहते हैं कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा भले खत्म हो गई हो लेकिन लोगों से उनके मिलने जुलने का सिलसिला लगातार जारी है। पुनिया कहते हैं कि कर्नाटक के चुनाव में जिस तरीके से लोगों से मिले वह सीधे तौर पर लोगों से कनेक्ट कर रहे हैं वह लोगों से न सिर्फ जुड़ाव बना रहा है बल्कि अपनेपन का एहसास भी करा रहा है।

पार्टी से जुड़े नेताओं का मानना है कि चाहे बस में सफर करने वाले लोग हों या कैंटीन में काम करने वाले लोग हों या फिर घरों में खाना पहुंचाने वाले होम डिलीवरी बॉय। राहुल गांधी सब से मुलाकात कर रहे हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी मानते हैं कि राहुल गांधी ने जिस तरीके से ट्रक ड्राइवरों से बातचीत करके उनकी पूरी कम्युनिटी में एक मैसेज दिया है वह अब रुकने वाला नहीं है।

उनका कहना है कि राहुल गांधी अगले कुछ महीनों में “व्हील प्लान” के तहत उन सभी लोगों से मुलाकात करेंगे जो सुबह उठकर अपने वाहनों को घर से निकालते हैं और फिर रोज कुछ पैसा पैदा करके अपने घर वालों का पेट भरते हैं। योजना के मुताबिक राहुल इसमें ट्रक ड्राइवर, बस ड्राइवर, ऑटो ड्राइवर, कैब ड्राइवर और टू व्हीलर से सवारियों को लाने ले जाने वाले लोगों के सिवा रोजमर्रा की जिंदगी में लोगों की मदद करने वाले ऐसे वाहन चालकों से मुलाकात करेंगे।

पार्टी मान रही है कि बदल रही है इससे राहुल की छवि

राहुल गांधी की वाहन चालकों से मिलने की प्रक्रिया को सियासी गलियारों में उनकी बदलती हुई छवि के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषक अंशुमान कटारिया कहते हैं कि बीते कुछ समय में राहुल गांधी ने जिस तरीके से भारत जोड़ो यात्रा के बाद अपनी छवि को बदला है वह उनकेत और पार्टी के लिए गेम चेंजर साबित हो रहा है।

कटारिया कहते हैं कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में शामिल वरिष्ठ नेता भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि राहुल गांधी की बदली हुई छवि का फायदा उनको आने वाले लोकसभा के चुनावों में भी मिलने वाला है। पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी की वाहन चालको से की जाने वाली मुलाकात का सिलसिला फिलहाल थमने वाला नहीं है। हालांकि पार्टी के एक वरिष्ठ नेता जरूर यह बताते हैं कि इस तरीके की किसी भी योजना में आखिरी सहमति राहुल गांधी की ही होनी जरूरी है। जिसको राहुल गांधी से जल्द ही चर्चा करके अंतिम रूप से फाइनल अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।

लेकिन कांग्रेस के सामने भाजपा दे रही है इस मामले में बड़ी चुनौती

सियासत को करीब से समझने वाले वरिष्ठ पत्रकार और राजनैतिक विश्लेषक हिमांशु शितोले कहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और कांग्रेस के नेताओं में बीते कुछ समय में यही सबसे बड़ा अंतर था कि पार्टी के नेता आम लोगों की पहुंच से दूर हो रहे थे। जबकि भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष और अन्य नेता जनता से सीधे संवाद करके उनके साथ मिलते जुलते थे।

हिमांशु कहते हैं कि प्रधानमंत्री सीधे मन की बात से जुड़ कर देश की करोड़ों जनता से हर रविवार मुखातिब हो रहे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता लोगों के घरों में जाकर परिवार के साथ बैठकर भोजन कर रहे हैं। ऐसे में जब तक विपक्षी दल इसी लाइन पर चल कर लोगों से मुखातिब नहीं होंगे तब तक उनके लिए भारतीय जनता पार्टी से सीधे तौर पर सियासी मुकाबले में न सिर्फ परेशानी आएगी बल्कि उसका राजनीतिक लाभ भी नहीं मिलेगा।

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