अंबिकापुर में 200 शिक्षकों से करोड़ों की ठगी, थाने पहुंचे शिक्षक, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

अंबिकापुर : अंबिकापुर की गांधीनगर पुलिस ने शिक्षकों के नाम लोन स्वीकृत कराकर करोड़ो रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. आरोपी ने बलरामपुर जिले के राजपुर, शंकरगढ़ और कुसमी इलाके के सरकारी स्कूलों मे पढ़ाने वाले शिक्षकों को अपना निशाना बनाया था. आरोपी ने शिक्षकों के नाम अलग-अलग बैंको से लोन स्वीकृत कराया और शिक्षकों को झांसा दिया कि लोन का 60 फीसदी हिस्सा वह खुद रखेगा और 40 फीसदी शिक्षकों को देगा लेकिन 100 फीसदी लोन खुद वहन करेगा.

थाना पहुंचे पीड़ित शिक्षकों ने बताया कि उनके जैसे करीब 200 शिक्षकों से ऐसी ठगी सरगुजा संभाग में की गई है. माना जा रहा है कि अब और भी कई शिक्षक थाना पहुंच कर अपनी रिपोर्ट लिखा सकते हैं.

शिक्षकों से बढ़ाई जान-पहचान फिर की ठगी

जानकारी के मुताबिक सरगुजा जिले के धौरपुर इलाके के रहने वाले शिव शंकर दास ने सबसे पहले सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले शिक्षकों से जान-पहचान कर परिचय बनाया और फिर उसके बाद उन्हें झांसा दिया कि उसके पास एक एनजीओ है और उसमें हुआ रुपए इन्वेस्ट कर रहा है इसके अलावा उसका कारोबार भी है. इसके साथ शिक्षकों को यह भी जानकारी दी कि वह उनके नाम पर अलग-अलग बैंकों से 40 लाख से लेकर 80 लख रुपए तक लोन स्वीकृत कर देगा.

एक ने लोन की किश्‍त जमा की तो बाकी भी झांसे में आए

उन्‍हें बताया गया कि लोन की राशि शिक्षकों के खाते में आने के बाद लोन का 60 फीस की राशि उसे देना पड़ेगा और 40 प्रतिशत लोन का रुपये शिक्षक अपने पास रखेंगे लेकिन वह लोन की पूरी किश्त खुद जमा करेगा. कुछ शिक्षकों के साथ ऐसा ही किया और लोन की किश्त जमा करने लगा, इसके बाद कई शिक्षक उसके झांसे मे आ गए और फिर इसके बाद उनके द्वारा लोन की किश्त जमा करने से इंकार कर दिया गया, तब शिक्षकों को ठगे जानें का अहसास हुआ. इसके बाद इसकी शिकायत शिक्षकों ने पुलिस से की. पुलिस ने इसकी जांच की और आरोपी को आज गिरफ्तार कर लिया.

पैसा वापस देने की बात पर हुई हाथापाई

शिक्षको को आरोपी की गिरफ्तारी का पता चला तो पीड़ित शिक्षक अंबिकापुर के गांधी नगर थाना पहुंच गए. इसके बाद सभी थानों में आवेदन दिया. इस दौरान थाना परिसर में आरोपी की महिला रिश्तेदार सहित एक युवक पहुंचा था. महिला रिश्तेदार का कहना था कि धौरपुर के पास भिलाई में उसका एनजीओ संचालित है और आरोपी ने ठगी का रुपये पेट्रोल पंप और क्रेशर में इन्वेस्ट किया है. महिला रिश्तेदार ने शिक्षकों को कहा, कि वह उनका रुपए वापस करा देगी लेकिन इस दौरान शिक्षक भड़क गए और हाथापाई होने लगी.

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