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कौन है छत्तीसगढ़ के छतरी वाले गुरुजी ? क्यों हुआ नई दिल्ली में उनका सम्मान

Chhattisgarh February 7, 2023 रिपोर्टर: shailesh
कौन है छत्तीसगढ़ के छतरी वाले गुरुजी ? क्यों हुआ नई दिल्ली में उनका सम्मान

कौन है छत्तीसगढ़ के छतरी वाले गुरुजी ? क्यों हुआ नई दिल्ली में उनका सम्मान

रायपुर : छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले की शासकीय प्राथमिक शाला सकड़ा के सहायक शिक्षक श्री रूद्रप्रताप सिंह राणा को शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट प्रदर्शन के लिए 4 फरवरी को नई दिल्ली में ‘आस एक प्रयास’ ट्रस्ट द्वारा लाइव्स रियल हीरोज ऑफ इंडिया अवार्ड 2023 से नवाजा गया। सिक्किम के राज्यपाल श्री गंगा प्रसाद और आचार्य प्रद्युम्न (योग गुरु बाबा रामदेव के गुरु) ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। इस संस्था द्वारा हर वर्ष देशभर से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मानवता एवं राष्ट्र के प्रति समर्पित एवं विशिष्ट लोगों को सम्मानित किया जाता है।

नीली छतरी वाले गुरुजी के नाम से विख्यात है रूद्रप्रताप सिंह राणा

नीली छतरी वाले गुरुजी के नाम से विख्यात श्री रूद्रप्रताप सिंह राणा ने कोरोना काल में बच्चों को सुरक्षित रखते हुए पढ़ाई से जोड़े रखा। उनकी कहानी सभी को प्रेरणा देती है कि जीवन को कैसे महान बनाया जा सकता है। कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के दौरान बच्चों को सुरक्षित रखते हुए सीखने-सिखाने की प्रक्रिया से जोड़े रखने का विचार ही काफी है। तब उन्होंने सोचा कि बच्चे स्कूल नहीं जा सकते तो क्यों न स्कूल को ही बच्चों तक ले जाया जा सके। तब उन्होंने अपनी मोटर साइकिल पर घंटी, ग्रीन बोर्ड, छोटा सा पुस्तकालय और नीली छतरी सजाकर गांव के एक मोहल्ले में बच्चों को बिना एक दूसरे से संपर्क बनाए पढ़ाना शुरू किया। तब से इनका नाम नीली छतरी वाले गुरुजी भी पड़ा।

कोरोना काल में बच्चों को सीखने-सिखाने की प्रक्रिया से जोड़े रखने की यह सुरक्षित तरीका प्रधानमंत्री को भी भाया। उन्होंने मन की बात कार्यक्रम में इसका जिक्र भी किया। शिक्षक श्री राणा ने अपने मित्रों के साथ मिलकर पहुंच विहीन और नेटवर्क रहित क्षेत्रों के लिए सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ में मोहल्ला क्लास का कॉन्सेप्ट दिया, जो आगे चलकर देशभर काफी चर्चित और लोकप्रिय हुए। उन्होंने सुदूर वनांचल ग्राम सकड़ा के प्राथमिक शाला का शासन एवं समाज के सहयोग से कायाकल्प कर उसे एक आदर्श स्कूल के रूप से स्थापित किया।

शिक्षक राणा अनुभव आधारित शिक्षण पर देते हैं जोर

शिक्षक श्री राणा अनुभव आधारित शिक्षण पर जोर देते हैं और सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाने का प्रयास करते हैं, उनके विद्यालय पर कई डॉक्यूमेंट्री भी बनी है। जिसका प्रदर्शन एससीईआरटी और एनसीईआरटी में भी किया गया है। विगत वर्षों में इनके विद्यालय के कई बच्चों का चयन एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में हुआ है। श्री राणा निपुण भारत अभियान के तहत एफएलएन के 5 सदस्यीय टीम में शामिल हैं। उन्होंने एनसीईआरटी नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ की ओर से प्रस्तुति भी दी है। लाईफ्स रियल हीरो पुस्तक में उनके जीवन के ऊपर विस्तृत प्रकाश डाला गया है, जो सभी कर्मठ शिक्षकों को प्रेरित एवं गौरवान्वित करता है।

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