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बोलोरो और वॉकी-टॉकी का खौफनाक खेल, चोरी की दो घटनाओं के मास्टरमाइंड गिरफ्तार 

Chhattisgarh February 2, 2026 रिपोर्टर: shailesh
बोलोरो और वॉकी-टॉकी का खौफनाक खेल, चोरी की दो घटनाओं के मास्टरमाइंड गिरफ्तार 

बोलोरो और वॉकी-टॉकी का खौफनाक खेल, चोरी की दो घटनाओं के मास्टरमाइंड गिरफ्तार 

जगदलपुर : जिले में सूने मकानों को निशाना बनाकर लगातार हो रही चोरियों का बस्तर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। चोरी के मामले में पुलिस ने पंजाब, हरियाणा और भिलाई से जुड़े एक अंतरराज्यीय चोरी गिरोह के  चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 15 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवर, नकदी, बोलेरो वाहन, मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल औजार जब्त किए गए हैं।

गिरोह के एक आरोपी के खिलाफ पहले से सात से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक, 29 जनवरी की रात थाना कोतवाली क्षेत्र के सन सिटी कॉलोनी और बोधघाट थाना क्षेत्र की वृंदावन कॉलोनी में सूने मकानों का ताला तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया था। महज डेढ़ से दो घंटे के अंदर इन शातिर चोरों ने दोनों घटनाओं को अंजाम दिया था और बड़े आराम से शहर से बाहर चले गए थे।

घटनाओं की समानता, वारदात का तरीका और तकनीकी साक्ष्यों और 500 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को चिन्हित किया। बस्तर पुलिस के अनुसार आरोपी बोलेरो वाहन से शहर में घूमकर पहले सूने मकानों की रैकी करते थे। गिरोह के दो सदस्य वाहन में बैठकर निगरानी रखते थे, जबकि दो आरोपी वॉकी-टॉकी और औजारों के साथ घर के अंदर घुसते थे। आपसी संपर्क के लिए वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल किया जाता था। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी चोरी के बाद ओडिशा बॉर्डर पार कर विशाखापट्टनम की ओर भागने की फिराक में थे। 31 जनवरी को दोबारा चोरी की नीयत से जगदलपुर पहुंचे आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर पकड़ा।

पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने बताया कि मास्टरमाइंड विक्की कुमार वर्मा अब तक 40 से 50 जगहों पर चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। चोरों ने चोरी की गई नकदी में से लगभग 70 हजार रुपये पहले ही खर्च कर दिए थे। पुलिस ने शेष चोरी का सामान बरामद कर लिया है।

गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे पुलिस से बचने के लिए मोबाइल फोन की जगह वाकी-टाकी का इस्तेमाल करते थे। यह उनकी योजना का हिस्सा था ताकि वे एक-दूसरे से लगातार संपर्क में रह सकें और पकड़े जाने से बच सकें। सीसीटीवी फुटेज ने उनकी इस चालाकी को नाकाम कर दिया और उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।

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