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‘आदिवासी भाई-बहन नक्सलवाद के कारण दिव्यांग हुए’, अमित शाह बोले- देश नक्सल-मुक्त हो चुका है

Chhattisgarh October 15, 2026 रिपोर्टर: shailesh
‘आदिवासी भाई-बहन नक्सलवाद के कारण दिव्यांग हुए’, अमित शाह बोले- देश नक्सल-मुक्त हो चुका है

‘आदिवासी भाई-बहन नक्सलवाद के कारण दिव्यांग हुए’, अमित शाह बोले- देश नक्सल-मुक्त हो चुका है

रायपुर/नईदिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण बांटने के कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हिस्सा लिया. इस दौरान उन्हों कहा कि 31 मार्च 2026 को पूरे देश से नक्सलवाद समाप्त हो गया है. इस बात की मुझे खुशी है. अमित शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नक्सल प्रभावित इलाकों के दिव्यांगजनों से बात की इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में 25 साल पूरे होने के बाद उपलक्ष्य में पूरे देश में सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है.

5-7 अक्टूबर के बीच जगदलपुर में हुआ कार्यक्रम-अमित शाह

मुझे इस बात की खुशी है कि नक्सलवाद के कारण दिव्यांग हुए आदिवासियों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जा रहे हैं. उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ में जो कोई आदिवासी भाई-बहन नक्सलवाद के कारण दिव्यांग हुए, उनके जीवन को अच्छे से जीने लायक बनाने के लिए सहायता के माध्यम से उन्हें कृत्रिम अंग लगाने का कार्यक्रम हो रहा है. 5-7 अक्टूबर के बीच जगदलपुर में कार्यक्रम हुआ और लगभग 3600 से ज्यादा दिव्यांगजन लाभान्वित हुए थे.

आज नक्सलवाद समाप्त हो चुका है- अमित शाह

अमित शाह ने आगे कहा “सिर्फ बस्तर में 1570 से ज्यादा लाभार्थी थे. यह संख्या बस्तर की पीड़ा का परिचय देती है. पांच दशकों तक चले नक्सवाद में बस्तर के गरीब आदिवासी को किस मात्रा में आहत किया है, वो पूरी दुनिया को इस संख्या के माध्यम से पता चलेगा. नरेंद्र मोदी सरकार का दृंढ संकल्प था कि हम 31 मार्च 2026 से पहले पूरे देश से नक्सलवाद को समाप्त करेंगे और मुझे खुशी है कि आज नक्सलवाद समाप्त हो चुका है”

केंद्रीय गृह मंत्री ने आगे कहा, ‘आज, इस कार्यक्रम के माध्यम से, मैं पूरे देश को बताना चाहता हूं कि लगभग 8,526 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. जिन लोगों के पास बैंक खाते नहीं थे, उनके लिए 7,500 बैंक खाते खोले गए हैं. 1,625 लोगों को इनाम दिए गए हैं, और 7,882 लोगों को प्रोत्साहन राशि दी गई है. 455 लोगों को नौकरियां दी गई हैं, और 129 लोगों को जमीन आवंटित की गई है. कुल 4,014 PMAY (प्रधानमंत्री आवास योजना) घर उपलब्ध कराए गए हैं.

उन्होंने कहा कि अब नक्सलवाद की हर निशानी को खत्म करना है. हम एक बार फिर से हंसता, खेलता बस्तर बनाएंगे. नक्सलवाद की समाप्ति में जनजातीय समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा हैं.

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