विधानसभा चुनाव में जीत के लिए नलखेड़ा के बगलामुखी मंदिर में तांत्रिक अनुष्ठानों की धूम

शाजापुर : तंत्र-मंत्र पर तमाम लोग विश्वास नहीं करते लेकिन मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमाने उतर रहे तमाम नेता तांत्रिक अनुष्ठान कराने में जुटे हैं। उज्जैन से करीब सौ किमी दूर शाजापुर जिले के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी के प्राचीन मंदिर में इन दिनों रोज ही कोई न कोई नेता अनुष्ठान कराता दिख रहा है। तीन तरफ से श्मशान और नदी से घिरे इस मंदिर का तंत्र साधना के लिए विशेष महत्व का माना जाता है।
ये नेता कर चुके दर्शन, पूजन, अनुष्ठान
मप्र के राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने यहां सपत्निक विशेष हवन पूजन किया। जबकि कुछ समय पहले छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य रामविचार नेताम, छत्तीसगढ़ के आबकारी मंत्री कवासी लखमा, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, मप्र कृषि मंत्री कमल पटेल, नवकरणीय ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी राज्य मंत्री बृजेंद्र सिंह यादव, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, वन विकास निगम के उपाध्यक्ष सत्येंद्र भूषण, ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र लिटोरिया, पूर्वमंत्री जयवर्धन सिंह, हुकुम सिंह कराड़ा, प्रियवृत सिंह खिंची,भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष वैभव पंवार और भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट के विधायक रामेश्वर शर्मा आदि यहां आकर दर्शन-पूजन और अनुष्ठान करा चुके हैं।
यह है मंदिर की विशेषता
नलखेड़ा का मां बगलामुखी मंदिर प्राचीन है। मध्य में मां बगलामुखी विराजित हैं जबकि एक ओर महालक्ष्मी व दूसरी ओर महासरस्वती प्रतिष्ठित हैं। मान्यता है कि यहां माता की मूर्ति स्वयं सिद्ध स्थापित है। महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण के कहने पर संकट के समय पांडव यहां उपासना करने के लिए आए थे। उस समय मां की मूर्ति खुले स्थान पर एक चबूतरे पर विराजमान थी। पांडवों ने यहां उपासना करके ही अपना राज्य वापस पाया था।