भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव पर लगी रोक हटी, सुप्रीम कोर्ट ने गुवाहाटी हाईकोर्ट का फैसला पलटा

नई दिल्ली : भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव का रास्ता साफ हो गया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनावों पर लगी रोक हटा दी है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान देश की सर्वोच्च अदालत ने गुवाहाटी हाईकोर्ट का फैसला पलट दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कुश्ती संघ के चुनाव पर रोक लगाने वाले गुवाहाटी हाईकोर्ट के आदेश को हटा दिया। याचिका पर नोटिस जारी करते हुए न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और एस वेंकटनारायण भट्टी की पीठ ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी।
शीर्ष अदालत डब्ल्यूएफआई के चुनाव पर रोक लगाने वाले गुवाहाटी उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश को चुनौती देने वाली आंध्र प्रदेश एमेच्योर कुश्ती संघ की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने चुनाव पर लगी रोक खत्म कर दी। इससे कुश्ती संघ के चुनाव और नए अध्यक्ष के चयन का रास्ता साफ हो गया है।
नए अध्यक्ष के चयन के बाद पहलवानों का विवाद भी सुलझ सकता है। देश के शीर्ष पहलवान इस साल जनवरी के महीने से कुश्ती संघ के निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह का विरोध कर रहे हैं।बृजभूषण पर कई पहलवानों के यौन शोषण के आरोप भी हैं। इस मामले में जांच खत्म नहीं हुई है। हालांकि, उन पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली नाबालिग पहलवान ने अपनी शिकायत वापस ले ली है।
क्या है मामला?
भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव इसी साल होने थे, लेकिन कई विवादों की वजह से इनमें देरी होती रही। देश के शीर्ष पहलवानों ने कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह पर यौन शोषण सहित कई गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद उन्हें संघ के कामकाज से अलग कर दिया गया और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की तदर्थ समिति को संघ का कामकाज देखने और चुनाव कराने की जिम्मेदारी दी गई। तदर्थ समिति ने चुनाव की तारीख छह जुलाई तय की, लेकिन बाद में इसे पांच दिन आगे बढ़ा दिया गया। अंत में चुनाव की तारीख 11 जुलाई तय की गई।