गिरफ्तारी वॉरंट के बीच चीन पहुंचे रूस के राष्‍ट्रपति पुतिन, जिनपिंग से होगी मुलाकात, बीआरआई सम्‍मेलन में लेंगे हिस्‍सा

बीजिंग: रूस के राष्‍ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मंगलवार को दो दिवसीय चीन दौरे पर बीजिंग पहुंच गए हैं। पुतिन के आधिकारिक एयरक्राफ्ट ने बीजिंग कैपिटल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग की है। वह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर बीजिंग गए हैं। रूस की समाचार एजेंसी तास ने बताया है कि पुतिन बीजिंग में आयोजित हो रहे तीसरे बेल्ट एंड रोड फोरम फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन (बीआरएफ) में भाग लेने के लिए गए हैं। साथ ही वह सम्‍मेलन से अलग दुनिया के कुछ और नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाकात भी करने वाले हैं।

तीसरी बार बनेंगे सम्‍मेलन का हिस्‍सा

पुतिन मंगलवार को आयोजित हो रहे बीआरएफ में भाग लेने वाले प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुख, जिनपिंग और उनकी पत्‍नी पेंग लियुआन के साथ आधिकारिक मुलाकात करेंगे। फोरम के मुख्य कार्यक्रम 18 अक्टूबर से होने हैं। रूसी राष्‍ट्रपति फोरम के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। तास ने पुतिन के सलाहकार यूरी उशाकोव के हवाले से बताया है कि बुधवार को पुतिन बीजिंग में वन बेल्ट, वन रोड फोरम के मौके पर अपने चीनी समकक्ष के साथ बातचीत करने वाले हैं। पुतिन इससे पहले साल 2017 और साल 2019 में भी इस सम्‍मेलन में शामिल हुए थे। उषाकोव ने बताया है कि दोनों नेताओं के बीच मुलाकात मैत्रीपूर्ण और स्पष्ट तरीके से होगी।

यूक्रेन जंग के पहले गए थे चीन

इससे पहले दोनों नेता मार्च में जिनपिंग की रूस यात्रा के दौरान मॉस्को में मिले थे। साल 2022 में पुतिन ने शीतकालीन ओलंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह में भाग लेने के लिए चीन का दौरा किया था। इस दौरे के बाद ही रूस ने यूक्रेन पर हमला बोल दिया था। पुतिन का चीन दौरा काफी असाधारण करार दिया जा रहा है। पुतिन इन दिनों बहुत कम विदेश यात्रा कर रहे हैं क्योंकि यूक्रेन में जारी युद्ध की वजह से उनके खिलाफ अंतरराष्‍ट्रीय न्‍यायालय की तरफ से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। यही वजह थी कि पुतिन ने भारत में आयोजित जी-20 सम्‍मेलन और दक्षिण अफ्रीका में हुए ब्रिक्‍स सम्‍मेलन से किनारा कर लिया था।

क्‍यों जारी हुआ है वॉरेन्‍ट

पुतिन पर यूक्रेन से बच्चों को अवैध रूप से निर्वासित करने का आरोप लगा है। पुतिन ने इस महीने की शुरुआत में किर्गिस्तान का भी दौरा किया था। आईसीसी के वॉरेन्‍ट की वजह से उसके 123 सदस्य देश पुतिन को गिरफ्तार करने और उनके क्षेत्र में कदम रखने पर मुकदमे को हेग में स्थानांतरित करने के लिए बाध्य हैं। चीन और किर्गिस्‍तान दोनों ही आईसीसी के सदस्य नहीं हैं। बीजिंग में प‍ुतिन अपने वियतनामी समकक्ष वो वान थुओंग, थाईलैंड के प्रधानमंत्री सेथा थाविसिन, मंगोलियाई राष्‍ट्रपति उखनागीन खुरेलसुख और लाओस के राष्‍ट्रपति थोंग्लौन सिसोलिथ से भी मुलाकात करेंगे।

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