रूस ने तोड़ा काला सागर अनाज समझौता, UN ने दी चेतावनी- गरीब देशों में कई लोगों की हो सकती है मौत

संयुक्त राष्ट्र : रूस काला सागर अनाज समझौते से पीछे हट गया है। रूस के इस फैसले का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल सकता है।बता दें, एशिया में, ज्यादातर गरीब देश अपने जरूरत का अनाज यूक्रेन से आयात करते हैं। इसी को लेकर अब संयुक्त राष्ट्र के सहायता प्रमुख ने एक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि इससे अनाज की कीमतों में बढ़ोतरी होगी और संभावित रूप से लाखों लोगों के लिए भुखमरी पैदा कर सकती है। इससे बदतर स्थिति का खतरा पैदा हो सकता है।
क्या है पीछे हटने का कारण?
रूस ने सोमवार को बताया था कि काला सागर अनाज समझौते से पीछे हटने के दो कारण है। पहला- अपने स्वयं के खाद्य और उर्वरक निर्यात में सुधार की मांगें पूरी नहीं की गईं और दूसरा- यूक्रेन का पर्याप्त अनाज गरीब देशों तक नहीं पहुंच पाया है।
‘रूस के इस फैसले से कई लोग मर सकते है’
इस सप्ताह शिकागो में अमेरिकी गेहूं वायदा 6% से अधिक बढ़ गया है। रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण के बाद बुधवार को यह सबसे बड़ा दैनिक लाभ हुआ।
मार्टिन ग्रिफिथ्स ने 15-सदस्यीय निकाय को बताया, ‘विकासशील देशों में ऊंची कीमतों का सबसे ज्यादा असर देखन को मिला है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 69 देशों में लगभग 362 मिलियन लोगों को मानवीय सहायता की आवश्यकता है। रूस के इन फैसलों के परिणामस्वरूप कुछ लोग भूखे रह जाएंगे, कुछ भूख से मर जाएंगे और कई लोग मर सकते हैं।’