घर के आंगन में लगाएं नीम का पेड़, शनि और केतु के दोष होंगे दूर

ज्योतिष शास्त्र में ग्रह-नक्षत्रों का पेड़-पौधे, फूलों और जीव-जन्तुओं से गहरा संबंध बताया गया है। ग्रहों से संबंधित उपायों में इनकी मदद ली जाती है। फूलों या पेड़-पौधों से ग्रहों के नकारात्मक असर को कम किया जा सकता है। खास तौर पर कई पेड़ों को ईश्वर के समान पूजा जाता है। पेड़-पौधे अगर घर या उसके नजदीक सही दिशा में लगे हों तो यह घर के वास्तु दोष भी दूर करते हैं। औषधीय गुणों से भरपूर होने के साथ-साथ नीम के पेड़ का ज्योतिष में भी काफी महत्व है। इसके घर के बाहर सही दिशा में लगे होने से शनि और राहु-केतु की पीड़ा से मुक्ति पाई जा सकती है। आइये आपको बताएं नीम से जुड़े कुछ उपाय –
ग्रहों से संबंध
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नीम का संबंध मंगल ग्रह से है। इसके अलावा इसका केतु और शनि ग्रह से भी इसका संबंध बताया जाता है। अगर आप इन ग्रहों से जुड़े दोष से परेशान हैं और उनका उपाय करना चाहते हैं, घर के बाहर दक्षिण दिशा में नीम का पेड़ लगाएं। इससे परेशानियां दूर होती हैं और घर में खुशहाली आती है।
दूर होगा वास्तु दोष
हिंदू धर्म में नीम के पेड़ की पूजा भी की जाती है। मान्यता है कि नीम की लकड़ियों से हवन करने पर वास्तु दोष खत्म हो जाता है। वहीं रोजाना घर में नीम की सूखी पत्तियों का धुआं करने से घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है। इससे परिवार में सुख-शांति आती है और पितर दोष भी दूर होता है।
शनि दोष से मुक्ति
नीम की लकड़ियों से हवन करने से शनि ग्रह की भी शांति होती है। सप्ताह में एक बार हवन में नीम की लकड़ी का इस्तेमाल करने से शनिदेव के दुष्प्रभाव कम होते हैं। रविवार के दिन नीम की लड़की से बनी माला पहनने से शनि की महादशा के अशुभ फल को टाला जा सकता है।
मंगल की शांति
नीम के पेड़ को मंगल ग्रह का स्वरूप माना गया है। रोजाना नीम के पेड़ में जल चढ़ाने से हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है और मंगल के दुष्प्रभाव में कमी आती है। लेकिन फल प्राप्ति के लिए इस उपायों को नियमित रूप से करना चाहिए।
केतु के उपाय
कुंडली में केतु ग्रह को शांत करने के लिए नीम की पत्तियां या उसका रस निकालकर नहाने के पानी में मिलाएं और फिर उससे रोजाना स्नान करें। ऐसा करने से आपको हर समस्या से भी छुटकारा मिल जाएगा।