पानी बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं में नप कुरूद असफल : अनुराग चंद्राकर

कुरूद : नगर में छाया पेयजल संकट  पर भाजयुमो अध्यक्ष अनुराग चंद्राकार ने नगर पंचायत कुरूद के चुने गए जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अमले को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि नप कुरुद सिर्फ कमीशन खोरी और निजी स्वार्थ पूर्ति में मस्त है। उसे पेयजल जैसी समस्या से त्रस्त लोगों की तकलीफ नहीं दिखती।

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उन्होंने आगे कहा कि करोड़ों रुपए की विकास योजनाएं पानी के अभाव में सकारात्मक लाभ नहीं दे पा रही हैं। पानी के संकट से जूझ रहे शहरी कहते हैं कि पानी के बिना सब कुछ सूना है। जिम्मेदारों को पहले पानी की सुविधा देनी चाहिए। लंबे समय से पानी की समस्या से जूझ रहे नगरजनो मे नगर पंचायत प्रशासन  पर भारी आक्रोश व्याप्त है।

शहर के कई वार्ड के लोगों ने बताया कि वार्ड में पानी की भारी किल्लत है। पीने के लिए तो जैसे-तैसे व्यवस्था कर ले रहे हैं , लेकिन निस्तारी,नहाने, कपड़े धोने जैसे दैनिक कार्यों के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही तपती धूप में पीने का पानी भरने के लिए भी उन्हें भारी मशक्कत करनी पड़ती है।

शहर में नल-जल योजना के तहत घरों में नल लगा हुआ है, लेकिन आए दिन से उसमें भी पानी कम आ रहा है और नगर प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नलों में पानी आए या न आए हर महीने टैक्स जरुर लिया जाता है। और अगर टैक्स जमा करने में थोड़ी सी भी देर हुई तो कनेक्शन काटने जैसी कार्यवाही के लिए नगर पंचायत के कर्मी तैयार रहते हैं। लेकिन इस समस्या का समाधान उनके द्वारा नहीं किया जाता।

नप कुरूद के जिम्मेदार लोग सिर्फ कमीशन खोरी में मस्त : अनुराग

नगर पंचायत के चुने हुए जनप्रतिनिधि, अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक सिर्फ और सिर्फ कमीशन खोरी के आकंठ में डूबे हुए हैं । उन्हें जनजीवन की मूलभूत सुविधाओं सड़क पानी बिजली से कोई सरोकार नहीं है। जिसके कारण कुरूद की सुधी जनता में नगर पंचायत प्रशासन के प्रति भारी रोष व्याप्त है। भाजयुमो अध्यक्ष अनुराग चंद्राकर ने लोगो की समस्या को देखते हुए बताया कि जब से प्रदेश और नगर पंचायत में कांग्रेस की सरकार बनी है तब से लेकर अब तक केवल लोगों को इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ रहा है|

खासकर नगर पंचायत में कांग्रेस काबिज हुई है तब से ऐसे कई उदाहरण देखा जा सकता है जिसकी वजह से आए दिन आम लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है और जब इन विषयों को लेकर लोग चुने हुए प्रतिनिधियों के पास जाकर इनके समाधान की बात करते हैं तो उनका अड़ियल रवैया लोगों को देखने मिलता है जिस कारण से आम जनता अब आने वाले चुनाव समय में अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं और उन्हें नगर पंचायत से खदेड़ कर इनको सबक सिखाने का मन बना चुके हैं।

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