इस दिन मनाई जाएगी भाद्रपद की मासिक शिवरात्रि, जानें तिथि, महत्व और पूजन विधि

भगवान शिव के भक्तों के लिए शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। वैसे, महाशिवरात्रि साल में एक बार मनाई जाती है, जबकि प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का व्रत एवं पूजन किया जाता है। हिन्दू धर्म में मासिक शिवरात्रि का भी खास महत्व है। माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करने से भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। शिवरात्रि का पर्व न केवल उपासकों की आस्था बढ़ाता है, बल्कि उन्हें क्रोध, ईर्ष्या, अभिमान और लालच जैसी भावनाओं से दूर कर भक्ति में सराबोर करता है।
मासिक शिवरात्रि: तिथि एवं महत्व
हर माह में कृष्ण पक्ष की चर्तुदशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। सितंबर में मासिक शिवरात्रि को भाद्रपद की शिवरात्रि कहते हैं। इस माह में 13 तारीख, बुधवार को मासिक शिवरात्रि मनाई जाएगी। मान्यता है कि मासिक शिवरात्रि का व्रत रखने और भगवान शिव की आराधना करने से साधक की सभी समस्याएं दूर होती हैं। इस व्रत को करने से कन्याओं को मनोवांछित वर की प्राप्ति होती है और विवाह में आ रही रुकावटें दूर हो जाती हैं। शिव पुराण में इसे सभी इच्छाएं पूर्ण करनेवाला व्रत बताया गया है।
कैसे करें पूजन?
मासिक शिवरात्रि वाले दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान कर लें। फिर किसी मंदिर में जा कर भगवान शिव और उनके परिवार (पार्वती, गणेश, कार्तिक, नंदी) की पूजा करें। इस दिन शिवलिंग का रुद्राभिषेक भी बहुत फलदायी होता है। इस दिन शिवलिंग पर दूध, जल, बेलपत्र, धतूरा और श्रीफल अवश्य चढ़ाएं। शिवरात्रि के दिन व्रत के साथ ही शिव पुराण, शिव स्तुति, शिवाष्टक, शिव चालीसा आदि का जाप करने से बहुत लाभ मिलता है। मध्य रात्रि के बाद भगवान शिव की पूजा करने से उपासक की आर्थिक परेशानी दूर होती है। इस दिन सफेद वस्तुओं का दान करने से कर्ज से मुक्ति मिलती है और धन-संपत्ति में वृद्धि होती है।