मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन इन बातों का रखें ध्यान, वरना कष्टों से घिर जाएगा जीवन

सनातन धर्म में मार्गशीर्ष पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। इस बार मार्गशीर्ष पूर्णिमा 26 दिसंबर 2023 को पड़ रही है। मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन पूजा और व्रत करने का विधान है। इस पूर्णिमा को अगहन पूर्णिमा, मोक्षदायिनी पूर्णिमा और बत्तीसी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन चंद्रमा अपनी सभी कलाओं से पूर्ण रहता है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन चंद्र देव की भी विधिपूर्वक पूजा की जाती है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन कुछ कार्यों को करना अशुभ माना जाता है। इनके कारण व्यक्ति को कई तरह के कष्टों का सामना करना पड़ता है। आइए, जानें मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन कौन से कार्य नहीं करने चाहिए।

मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन न करें ये काम

यदि आप मार्गशीर्ष पूर्णिमा का व्रत करते हैं, तो उस दिन केवल फलाहार का ही सेवन करें। प्याज और लहसुन का सेवन नहीं करना चाहिए।

  इस दिन सुबह देर तक न सोएं। पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर, स्नान आदि से निवृत्त होकर, भगवान विष्णु की पूजा करें।

  इस दिन किसी का भी अपमान नहीं करना चाहिए।

  भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। इस दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना अपशकुन माना जाता है।

  मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन बाल और नाखून न काटना अशुभ होता है।

  इस दिन आपको अपने जीवनसाथी से झगड़ा नहीं करना चाहिए।

मार्गशीर्ष पूर्णिमा महत्व

माना जाता है कि मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर स्नान, पूजा और दान करने से शुभ फल मिलते हैं। साथ ही जीवन कभी भी धन की कमी नहीं होती है। घर में सुख और शांति आती है। भगवान विष्णु की कृपा हमेशा बनी रहती है।

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