‘अगर सच में सेनानियों के परिवारों की चिंता है तो…’, राज्यपाल से बोले उच्च शिक्षा मंत्री पोनमुडी

चेन्नई : तमिलनाडु के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ के पोनमुडी ने राज्यपाल आरएन रवि पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि वह दिखाते हैं कि उन्हें स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों के कल्याण की बहुत चिंता है। जबकि आजादी की लड़ाई लड़ने वालों को सम्मान देने की बात आती है तो वो हस्ताक्षर तक नहीं करते हैं। दरअसल, आजादी की लड़ाई लड़ने वाले एन शंकरैया को डॉक्टरेट की उपाधि देने को लेकर गर्मागर्मी चल रही है।

मैं राज्यपाल को…

पोनमुडी ने कहा, ‘मैं उन लोगों को बताना चाहता हूं, जो दिखाते हैं कि उन्हें राज्य के स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों के कल्याण की चिंता है। विशेषकर, मैं राज्यपाल और लोगों को समझाना चाहता हूं कि एन शंकरैया करीब 100 साल के हैं और उन्होंने आजादी की लड़ाई लड़ी है। इसलिए तमिलनाडु सरकार ने भी उन्हें सम्मानित किया है।’

डॉक्टरेट की उपाधि मामला

शिक्षा मंत्री ने कहा कि मदुरै विश्वविद्यालय के नियम में कहा गया है कि यदि सिंडिकेट और सीनेट (प्रबंधकारिणी समिति) किसी व्यक्ति को डॉक्टरेट की उपाधि देना चाहता है, तो उन्हें इसे सीनेट में पारित करना होगा। इस साल 16 अगस्त को सिंडिकेट और 20 सितंबर को सीनेट ने शंकरैया को मानद डॉक्टरेट की उपाधि देने का प्रस्ताव पारित किया था। हालांकि, राज्यपाल ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किए। उन्होंने इससे इनकार कर दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय को निर्देश दिया कि इसे विषय में शामिल न किया जाए।

हस्ताक्षर करना राज्यपाल का कर्तव्य

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ के पोनमुडी ने कहा, ‘मैं राज्यपाल को विनम्र रूप से सूचित करता हूं कि यदि वह वास्तव में राज्य के स्वतंत्रता सेनानियों के कल्याण में रुचि रखते हैं, तो उन्हें इस पर हस्ताक्षर करना चाहिए। इस पर हस्ताक्षर करना उनका कर्तव्य है। उन्हें शंकरैया का सम्मान करना होगा, जो एक स्वतंत्रता सेनानी हैं।’उन्होंने राज्यपाल से हस्ताक्षर करने और दूसरे दीक्षांत समारोह में शंकरैया का नाम शामिल करने का अनुरोध किया।

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