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लव मैरिज के बाद पति बना हैवान, पत्नी की बेरहमी से पिटाई की, मुंडन किया और जबरन पिलाया पेशाब

Chhattisgarh June 19, 2026 रिपोर्टर: shailesh
लव मैरिज के बाद पति बना हैवान, पत्नी की बेरहमी से पिटाई की, मुंडन किया और जबरन पिलाया पेशाब

लव मैरिज के बाद पति बना हैवान, पत्नी की बेरहमी से पिटाई की, मुंडन किया और जबरन पिलाया पेशाब

कोरिया : छत्तीसगढ़ में रिश्तों के साथ महिला अस्मिता से खिलवाड़ का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए. एक पति ने क्रूरता और हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए अपनी ही पत्नी के साथ वहशीपन का वो नंगा नाच खेला, जिसने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है. पति से अलग रह रही पत्नी पर चरित्र पर शंका के चलते आरोपी ने न सिर्फ उसे बेरहमी से पीटा, बल्कि उसका मुंडन कर उसे बच्चों का पेशाब पीने तक के लिए मजबूर कर दिया.

प्रेम विवाह का खौफनाक अंत

इस खौफनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली दास्तान की शुरुआत साल 2006 में हुई थी. तब दोनों ने समाज की परवाह न करते हुए प्रेम विवाह किया था. सालों तक सब कुछ ठीक रहा और दोनों साथ रहे, इस दौरान दोनों के दो बेटा और दो बेटी समेत चार बच्चे भी हुए, लेकिन धीरे-धीरे आपसी विवाद इस कदर बढ़ा कि पिछले एक साल से दोनों अलग रह रहे थे. पीड़िता मूल रूप से सूरजपुर की रहने वाली है, जो बीते दिनों घूमने के लिए कोरिया जिले के पांडोपारा स्थित अपने एक रिश्तेदार के घर गई हुई थी. इसी दौरान घात लगाए बैठे आरोपी पति ने इस अमानवीय वारदात को अंजाम दे डाला.

हैवानियत का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर किया वायरल

आरोपी पति का मन सिर्फ इस बर्बरता से नहीं भरा. उसने अपनी मर्यादा और इंसानियत को ताक पर रखकर इस पूरी घटना का मोबाइल से वीडियो भी बनाया. इसके बाद उसने इस अपमानजनक वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, ताकि समाज में महिला को और ज्यादा मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़े. वीडियो सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है.

पटना थाना पुलिस की लचर कार्यप्रणाली पर खड़े हुए गंभीर सवाल

इस पूरे मामले में पुलिस का रवैया सबसे हैरान और विचलित करने वाली रही. इस तरह की बर्बरता, अमानवीय व्यवहार और मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना के बावजूद, पटना थाना पुलिस ने मामले में संवेदनशीलता दिखाने के बजाय बेहद मामूली धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर छुट्टी कर ली. पुलिस की इस ढीली और लापरवाही ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

जब पीड़िता को स्थानीय पुलिस से कोई ठोस आश्वासन और कार्रवाई होती नहीं दिखी, तो बदहवास हालत में पीड़ित परिवार सूरजपुर के एक स्थानीय नेता के पास पहुंचा. स्थानीय नेता के दखल के बाद अब इस पूरे मामले की लिखित शिकायत छत्तीसगढ़ महिला आयोग, सूबे के डीजीपी और खुद मुख्यमंत्री से की गई है.

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