महासमुंद। नेशनल हाईवे-53 की बदहाल सड़क और लंबे समय से बनी समस्याओं को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश आखिरकार सड़क पर दिखाई दिया। झलप-पटेवा मार्ग पर ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया, जिसके चलते करीब दो घंटे तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। सड़क के दोनों ओर सैकड़ों वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों एवं वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों का आरोप है कि झलप-पटेवा मार्ग की सड़क लंबे समय से बदहाल स्थिति में है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में गंभीर पहल नहीं की जा रही है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और खराब स्थिति के कारण आवागमन मुश्किल हो गया है।
जाम में फंसे लोग हुए हलाकान
चक्काजाम के कारण हाईवे पर यातायात व्यवस्था चरमरा गई। सैकड़ों वाहन जाम में फंस गए। बसों, ट्रकों, कारों और दोपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम में फंसे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली के कारण आए दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
पुलिस और प्रशासन की टीम पर भी सवाल
ग्रामीणों द्वारा चक्काजाम किए जाने के बावजूद मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम के समय पर नहीं पहुंचने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन सड़क की समस्या को गंभीरता से लेता और ग्रामीणों की शिकायतों का निराकरण करता तो चक्काजाम जैसी स्थिति पैदा नहीं होती।
स्थानीय विधायक और प्रशासन पर अनदेखी का आरोप
ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक और प्रशासन पर क्षेत्र की सड़क समस्या की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को कई बार सड़क की स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क की स्थिति में जल्द सुधार नहीं किया गया और जिम्मेदार विभाग द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।
फिलहाल चक्काजाम के चलते झलप-पटेवा मार्ग पर यातायात व्यवस्था प्रभावित रही और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार देखने को मिली।