डॉ. रमन सिंह की नाराजगी पर मुख्यमंत्री साय ने दी प्रतिक्रिया, बोले “कमिश्नर को दिए है जांच के निर्देश, जांच रिपोर्ट आने के बाद लिया जाएगा आवश्यक निर्णय”

रायपुर : बेमेतरा में सामूहिक विवाह कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह द्वारा कलेक्टर और एसपी को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाए जाने का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का विषय बन गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रतिक्रिया देते हुए मामले की जांच के निर्देश देने की बात कही है।
रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम को लेकर कलेक्टर ने उनसे पहले चर्चा की थी और उन्होंने ही वहां कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी थी। मुख्यमंत्री के अनुसार सामूहिक विवाह कार्यक्रम की पूरी तैयारी की गई थी, लेकिन अचानक हुई बारिश के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हो गईं और अव्यवस्था की स्थिति निर्मित हुई।
उन्होंने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर माहेश्वरी भवन का भी विचार किया गया था, लेकिन समय की कमी के कारण ऐसा संभव नहीं हो पाया। अंततः कार्यक्रम को पुराने विश्राम गृह के सभागार में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित संभाग के कमिश्नर को जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।
इससे पहले उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने विधानसभा अध्यक्ष की नाराजगी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि डॉ. रमन सिंह राज्य के वरिष्ठतम नेताओं में से हैं। वे केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और वर्तमान में विधानसभा अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। ऐसे में उनकी बातों को राजनीतिक नेतृत्व के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों को भी गंभीरता से लेना चाहिए।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार पर तंज कसा था। उन्होंने लिखा था कि “डॉक्टर साहब का गुस्सा बता रहा है कि सरकार की सेहत खराब है। लेकिन दिक्कत यह है कि डॉक्टर साहब परहेज मरीज को बताने की बजाय तीमारदार को बता रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा अध्यक्ष मुख्यमंत्री के सम्मान की जिस तरह रक्षा कर रहे हैं, वह देखना सुखद है।
इधर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार 2026 को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 1 मई से शुरू हुआ यह अभियान 10 जून तक चलेगा। इसके तहत वे दो दिवसीय बस्तर दौरे पर रवाना हुए हैं। दौरे के पहले दिन सुकमा, कोंडागांव और बीजापुर का भ्रमण करेंगे, जबकि दूसरे दिन बीजापुर, कांकेर और दंतेवाड़ा में कार्यक्रमों में शामिल होंगे। सुकमा में समीक्षा बैठक भी प्रस्तावित है। बेमेतरा की घटना के बाद प्रशासनिक जवाबदेही और व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजरें कमिश्नर की जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।