CG – कांग्रेस में टिकट को लेकर किचकिच : प्रत्याशी चयन को लेकर लगातार हो रहा मंथन; तीन मंत्रियों सहित 10 विधायकों की दावेदारी पर मंडराया खतरा!

रायपुर। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के टिकट को लेकर किचकिच जारी हैं। टिकट बंटवारे से पहले प्रदेश चुनाव समिति एक-एक संभाग के दावेदारों की थोक बजाकर समीक्षा कर रही है। मुख्यमंत्री निवास में स्क्रीनिंग कमेटी के बाद लगातार दूसरे दिन प्रदेश चुनाव समिति के पांच नेताओं ने फिर से बैठकर सीटवार समीक्षा की। इससे पहले रायपुर और दुर्ग संभाग की समीक्षा पूरी हुई है। कांग्रेस के सूत्रों की मानें तो अब तक की समीक्षा में तीन मंत्रियों सहित दर्जन भर विधायकों की टिकट पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं।

बस्तर संभाग के नवनियुक्त मंत्री मोहन मरकाम का भी विरोध शुरू हो गया है। वहीं, दुर्ग संभाग में मंत्री अनिला भेड़िया और रुद्र गुरु को लेकर विरोध के सुर सामने आये है। रुद्र गुरु अपनी सीट बदलना चाहते हैं, इसको लेकर फिलहाल अब तक केंद्रीय नेतृत्व तैयार नहीं है। केंद्रीय नेतृत्व ने साफ किया है कि किसी भी विधायक को सीट बदलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि तीनों मंत्रियों ने अपनी दावेदारी को कमजोर पड़ने से रोकने के लिए जतन शुरू कर दिया है। लेकिन संगठन दावेदारी को लेकर किसी भी तरह का रिस्क उठाने को बिलकुल भी तैयार नहीं हैं।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक में दूसरे दिन बस्तर संभाग की 12 सीट पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि इसमें से आठ सीट पर वरिष्ठ नेताओं के बीच सहमति बन गई है। चार सीट पर वर्तमान विधायकों के प्रति नाराजगी सामने आई है। बताया जा रहा है कि कांकेर से संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी, जगदलपुर से रेखचंद जैन, अंतागढ़ से अनूप नाग और नारायणपुर से चंदन कश्यप की सीट पर पैनल तैयार किया गया है। चर्चा है कि यहां से किसी नए नेता को पार्टी उम्मीदवार बना सकती है। बताया जा रहा है कि स्क्रीनिंग कमेटी की आपत्ति के बाद यह प्रक्रिया शुरू की गई है। मुख्यमंत्री निवास की बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, विधानपसभा अध्यक्ष डा चरणदास महंत और उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के अलावा संभाग के प्रमुख नेता शामिल थे।

कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो डोंगरगांव से दलेश्वर साहू, नवागढ़ से गुरुदयाल बंजारे, पंडरिया से ममता चंद्राकर और डोंगरगढ़ सीट से भुनेश्वर बघेल के विकल्प को लेकर चर्चा हुई है। वहीं, कसडोल से संसदीय सचिव शकुंतला साहू, बिलाईगढ़ से चन्द्रदेव राय, सरायपाली से किस्मतलाल नंद की जगह विकल्प पर चर्चा हुई है। सरगुजा संभाग में भी लगभग 5 विधायकों के सीट पर पैनल बनाया जा रहा हैं। यहां से प्रेमसाय सिंह, बृहस्पत सिंह, चिंतामणि महराज सहित कुछ और सीटों पर विकल्प को लेकर चर्चा किया जाएगा। बिलासपुर संभाग में भी कुछ विधायकों को ड्राप किया जा सकता हैं। बताया जा रहा है कि अब सरगुजा और बिलासपुर संभाग की सीटों पर मंथन किया जाएगा। सरगुजा की सभी 14 सीट पर कांग्रेस के विधायक हैं। जबकि बिलासपुर संभाग में कांग्रेस की सबसे कमजोर स्थिति है।

कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो कांग्रेस की पहली सूची सितंबर के अंतिम सफ्ताह में ही आ पाएगी। इससे पहले सूची आने की संभावना से आला नेता इनकार कर रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का साफ कहना है कि संभाग स्तर पर चर्चा के बाद स्क्रीनिंग कमेटी की एक बार फिर रायपुर में बैठक होगी। इस बैठक में अजय माकन, नेट्टा डिसूजा और एल हनुमंथा शामिल होंगे। उसमें फिर से एक एक सीटों के साथ वैकल्पिक नामों पर विस्तार से राजनितिक परिस्थितियों का आंकलन किया जाएगा, तब कहीं जाकर पहली सूची के लिए नामों पर मुहर लगेगी।

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