वायुसेना के लिए 12 सुखोई लड़ाकू विमानों की खरीद को मिली मंजूरी

नई दिल्ली : तीनों सेनाओं की हथियार की जरूरतों को पूरा करने और उनके आधुनिकीकरण को गति देने के लिए रक्षा मंत्रालय की रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) ने 45,000 करोड़ रुपये की लागत के नौ रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दे दी।

अद्भूत है मारक क्षमता

इनमें भारतीय वायुसेना के लिए 12 सुखोई-30 एमकेआइ लड़ाकू विमान, आकाश से सतह तक मार करने वाली ध्रुवास्त्र मिसाइल, नौसेना के लिए टोही जहाज से लेकर अग्रिम मोर्चे पर तैनात किए जाने वाले सेना के बख्तरबंद युद्धक वाहनों की खरीद के प्रस्ताव शामिल हैं।  रक्षा खरीद परिषद् की बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में खरीद के इन नौ प्रस्तावों को शुरुआती मंजूरी प्रदान की गई।

रक्षा मंत्रालय ने बयान में कहा कि 12 सुखोई विमानों की खरीद के साथ डोर्नियर विमानों के उन्नयन के लिए जरूरी प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। हवा से सतह पर मार करने वाली ध्रुवास्त्र मिसाइल की खरीद को भी मंजूरी दी गई है। बैठक में रक्षा मंत्री ने कहा कि सैन्य बलों के आधुनिकीकरण और खरीद में कम से कम 60-65% स्वदेशी सामग्री का लक्ष्य रखना चाहिए।

आत्मनिर्भर भारत को देगा मजबूती

यह तय हुआ कि जिन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, उन सबकी खरीद भारतीय विक्रेताओं से होगी। स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित व निर्मित (आइडीएमएम) श्रेणी के तहत यह खरीद ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में भारतीय रक्षा उद्योग को मजबूती देगी। राजनाथ ने बैठक में चीफ आफ डिफेंस स्टाफ, तीनों सेना प्रमुखों, रक्षा सचिव और डीजी (अधिग्रहण) को भारतीय रक्षा उद्योग के परामर्श से न्यूनतम स्वदेशी सामग्री सीमा को बढ़ाने की दिशा में काम करने का निर्देश भी दिया।

डीएसी ने हल्के बख्तरबंद बहुउद्देश्यीय वाहनों (एलएएमवी), एकीकृत निगरानी एवं लक्ष्यीकरण प्रणाली (आइएसएटी-एस) की खरीद के लिए एओएन (आवश्यकता की स्वीकृति या खरीद को प्रारंभिक स्वीकृति) को मंजूरी दी। डीएसी ने आर्टिलरी गन व रडार की तेजी से तैनाती के लिए हाई मोबिलिटी व्हीकल (एचएमवी) गन टोइंग वाहनों की खरीद को भी मंजूरी दे दी।

खरीद को दे दी गई है मंजूरी

वहीं,  नौसेना के लिए अगली पीढ़ी के टोही जहाजों की खरीद को मंजूरी प्रदान की गई है जिससे हाइड्रोग्राफिक संचालन करने के लिहाज से नौसेना की ताकत बढ़ेगी। वायुसेना के जिन खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है उनमें हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के सहयोग से निर्मित रूसी 12 सुखोई-30 एमकेआइ विमानों की खरीद की जाएगी। संचालन के लिए सटीकता और विश्वसनीयता में सुधार के लिए डोर्नियर विमान का एवियोनिक अपग्रेडेशन किया जाएगा।

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