पीओके भारत का अभिन्न अंग… यूएई के डिप्टी पीएम ने नक्शा दिखा कर दिया ऐलान! क्या करेगा पाकिस्तान

शारजाह: पाकिस्तान की पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) को लेकर फैलाया गया प्रॉपगैंडा फेल हो चुका है। कभी पाकिस्तान के करीबी रहे संयुक्त अरब अमीरात ने भी मान लिया है कि पीओके भारत का अभिन्न अंग है। संयुक्त अरब अमीरात के उप प्रधानमंत्री सैफ बिन जायद अल नाहयान ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे पर एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में संपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को भारत के हिस्से के रूप में दिखाया गया है। इसमें पीओके और अक्साई चिन का हिस्सा भी शामिल है। ऐसे में माना जा रहा है कि इस्लामी देश भी कश्मीर मुद्दे पर अब पूरी तरह भारत के साथ खड़े हैं। इसे पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा झटका बताया जा रहा है।

कश्मीर में अरबों का निवेश कर रहा है यूएई

संयुक्त अरब अमीरात पहले से ही कश्मीर में निवेश कर रहा है। दुबई स्थित यूएई की एक रियल एस्टेट डेवलपर एम्मार श्रीनगर में 10 लाख वर्ग फुट में फैले मेगा-मॉल में निवेश करने वाली पहली विदेशी कंपनी बन गई है। एम्मार ने यह फैसला 2019 में जम्मू-कश्मीर के लिए विशेष छूट समाप्त करने के बाद लिया था। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मॉल की आधारशिला भी रख दी है। एम्मार समूह ने मेगा-मॉल स्थापित करने के लिए ₹250 करोड़ का निवेश करने की योजना बनाई है, जो 500 से अधिक दुकानों के साथ क्षेत्र के सबसे बड़े मॉल में से एक होगा। इसे जम्मू कश्मीर में पहला फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट भी बताया जा रहा है।

कश्मीर को लेकर प्रॉपगैंडा फैला रहा पाकिस्तान

पाकिस्तान दशकों से कश्मीर को लेकर मुस्लिम देशों के बीच प्रॉपगैंडा फैलाने की कोशिश करता रहा है। उसने हाल में भारत में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान भी सदस्य देशों को चिट्ठी लिखकर भारत के खिलाफ मनगढंत आरोप लगाए थे। पाकिस्तान ने आरोप में कहा था कि भारत कश्मीर में मानवाधिकारों का हनन कर रहा है। ऐसे में जी20 के सदस्य देशों की जिम्मेदारी बनती है कि वह भारत को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों का पालन करने को कहे। पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में जी20 के बैठक को लेकर भी आपत्ति जताई थी और उसे विवादित हिस्सा करार दिया था। हालांकि, पाकिस्तान के आरोपों का किसी पर कोई असर नहीं हुआ और सभी सदस्य देशों ने बैठकों में हिस्सा लिया।

पीओके में पाकिस्तान के खिलाफ विद्रोह

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में लोग आसमान छूती महंगाई, भोजन की कमी और अत्याधिक टैक्स लगाने के खिलाफ सड़कों पर हैं। लोग इन सभी मुद्दों के लिए पाकिस्तान को दोषी ठहरा रहे हैं। हाल में ही पीओके के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से खुद को पाकिस्तान से आजाद कराने की मांग की थी। पीओके के लोगों का आरोप है कि उनके खिलाफ जानबूझकर अत्याचार किए जा रहे हैं, जबकि पंजाब सूबे को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जा रही है। लोगों का कहना है कि सबसे ज्यादा बिजली उत्पादन पीओके से होता है तो यहां के लोगों को बिजली बिल के बोझ तले क्यों दबाया जा रहा है। पीओके के लिए जारी किए गए अनाज के कोटे को भी दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा है।

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