जगदलपुर : इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ने से कई इलाके जलमग्न हो चुके हैं और स्थिति को देखते हुए अब प्रशासन ने वायुसेना की मदद ली है. जलभराव वाले इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए भारतीय वायुसेना के Mi-17 हेलीकॉप्टर को रेस्क्यू ऑपरेशन में तैनात किया गया है.
महापौर संजय पांडे ने बताया कि जगदलपुर शहर के डोंगाघाट और आसना इलाके में 50 से अधिक लोग बाढ़ के पानी के बीच फंसे हुए हैं. वहीं प्रवीर वार्ड और विजय वार्ड में भी 20 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की खबर है.
बाढ़ में फंसे 817 लोगों का रेस्क्यू
आज सुबह से ही वायुसेना की टीम Mi-17 हेलीकॉप्टर के जरिए राहत और बचाव कार्य में जुट गई है. जिन इलाकों में बाढ़ का पानी नहीं उतरा है, वहां से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर एयरलिफ्ट किया जा रहा है. सीएसपी सुमित कुमार ने बताया कि प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक कुल 817 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है. पानी का बहाव बेहद तेज होने के कारण जहां नावें नहीं पहुंच पा रही थीं, वहां भारतीय वायुसेना (IAF) के हेलीकॉप्टर की मदद ली गई, जिससे 12 लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित निकाला गया. नावों के जरिए 805 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.
राहत शिविरों में 7300 से ज्यादा लोग कर रहे हैं शरण
बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा ने बताया कि नदी का जलस्तर जो बीते रात 12.39 मीटर तक पहुंच गया था, वह अब घटकर 12.2 मीटर पर आ गया है. प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में राहत शिविर बनाए हैं, जहां वर्तमान में 7,300 से अधिक लोग शरण लिए हुए हैं. शिविरों में भोजन, पेयजल और चिकित्सा की पूरी व्यवस्था की गई है.
100 लोग अब भी बाढ़ में फंसे
हालांकि, चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है. घाटपद्मुर, पनारापारा और कोकापाल जैसे इलाकों में पानी का बहाव अत्यधिक तेज होने के कारण अभी भी लगभग 100 लोग फंसे हुए हैं. SDRF की टीम बार-बार बोट के जरिए पहुंचने की कोशिश कर रही है. प्रशासन का कहना है कि प्रभावितों तक खाद्य सामग्री और पानी पहुंचाया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर दोबारा एयरलिफ्ट की मदद ली जाएगी.