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नॉन ट्रैड सीमेंट के बढ़े दाम : दस हजार करोड़ के सरकारी निर्माण पर होगा असर

Chhattisgarh September 9, 2026 रिपोर्टर: shailesh
नॉन ट्रैड सीमेंट के बढ़े दाम : दस हजार करोड़ के सरकारी निर्माण पर होगा असर

नॉन ट्रैड सीमेंट के बढ़े दाम : दस हजार करोड़ के सरकारी निर्माण पर होगा असर

रायपुर। मानसून के समय सीमेंट के दाम बढ़ाने का काम हमेशा से ही सीमेंट कंपनियां करती हैं। इस बार कंपनियों ने मानसून के समाप्त होने के ठीक पहले नॉन ट्रेड सीमेंट के दाम दो बार में 60 रुपए बढ़ा दिए हैं। ऐसा करोड़ की सरकारी योजनाओं पर बड़ा असर पड़ेगा। यहीं नहीं गरीबों के लिए बन रहे पीएम आवास की लागत भी अब बढ़ जाएगी। नॉन ट्रेड के बाद खुले बाजार के सीमेंट के दाम भी 20 रुपए बढ़ाने की तैयारी है।

प्रदेश में चल रही दस हजार सीमेंट का उत्पादन करने में छत्तीसगढ़ भी देश के उत्पादक राज्यों में गिना जाता है। यहां पर बहुत ज्यादा सीमेंट का उत्पादन होता है। सीमेंट कंपनियों की हमेशा से दाम को लेकर मनमर्जी रही है। प्रदेश सरकार के कई बार कहने के बाद भी कंपनियां सरकार को जानकारी दिए बिना और कारण बताए बिना ही सीमेंट के दाम बढ़ाने का काम करती है। बीते साल भी मानसून के समय डिमांड न होने के बाद भी सीमेंट के दाम बढ़ाए गए थे, एक बार कंपनियों ने फिर से इस साल भी यही किया है।

खुले बाजार में भी दाम बढ़ाने की तैयारी

नॉन ट्रेड के बाद अब सीमेंट कंपनियां खुले बाजार के सीमेंट के दाम भी 20 रुपए बढ़ाने की तैयारी में हैं । इस समय खुले बाजार का सीमेंट 230 से 270 रुपए थोक में और 240 से 280 रुपए चिल्हर में मिल रहा है। बाजार में सीमेंट की बिलकुल डिमांड नहीं है, क्योंकि इस समय बारिश के कारण गिनती के ही जरूरी काम चल रहे हैं।

ओपीसी सीमेंट के दाम 90 रुपए बढ़े

सरकारी योजनाओं में जहां पीपीसी सीमेंट का उपयोग होता है, वहीं कई योजनाओं में ओपीसी सीमेंट का भी उपयोग होता है। ओपीसी सीमेंट के दाम पहले 270 रुपए थे, इसको 360 रुपए कर दिया गया है। ओपीसी सीमेंट में फ्लाईएश नहीं मिलाया जाता है, जबकि पीपीसी सीमेंट में फ्लाईएश मिला रहता है। ओपीसी सीमेंट का उपयोग बड़ी इमारतें, फ्लाईओवर, बड़े पुल के निर्माण में किया जाता है।

सभी सरकारी काम होंगे प्रभावित

प्रदेश में इस समय दस हजार करोड़ से ज्यादा के भवनों की योजनाओं के साथ कंक्रीट सड़कों का काम चल रहा है। हालांकि इस समय ज्यादातर योजनाओं का काम बारिश के कारण लगभग बंद है लेकिन अब मानसून के समाप्त होने के बाद योजनाओं के काम में इस माह से तेजी आएगी। इसके पहले की

योजनाओं के काम फिर से प्रारंभ होते सीमेंट कंपनियों ने पहले 24 अगस्त को नॉन ट्रेड सीमेंट के दाम 40 रुपए और एक दिन पहले फिर से 20 रुपए बढ़ा दिए हैं। ऐसा होने से योजनाओं के काम की लागत बढ़ जाएगी।

छत्तीसगढ़ में निर्माण योजनाओं पर महंगाई का असर

इस समय सबसे बड़ी योजनाओं में नवा रायपुर में राजभवन के निर्माण के साथ ही एनआरडीए की कई योजनाओं में सात से आठ सौ करोड़ के काम चल रहे हैं। अंबेडकर अस्पताल में भी चार बड़ी बिल्डिंग बनाने का काम चल रहा है। प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेज की दो हजार करोड़ की योजना पर भी काम चल रहा है। इसके अलावा प्रदेश भर में करोड़ों रुपए की पीएम आवास योजना का काम भी चल रहा है। इसके अलावा कई हजार करोड़ के कंक्रीट की सड़कों का भी काम भी चल रहा है। इन सारी योजनाओं में लागत बढ़ जाएगी।

दाम बढ़ने के लागत बढ़ेगी

बिल्डर एसोसिएशन ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ शाखा अध्यक्ष के रूपेश सिंघल ने बताया ने कहा कि नॉन ट्रेड सीमेंट के दाम 60 रुपए बढ़ाए गए है। यह 30 फीसदी है। ऐसा होने से हर सरकारी योजना में लागत बढ़ जाएगी। ऐसा होने से ठेकेदारों को नुकसान होगा।

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