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भोरमदेव में शुरू होगा जंगल सफारी, 22 बार नदी पार करने का मिलेगा रोमांच, जानें क्या-क्या रहेगा खास

Chhattisgarh April 22, 2026 रिपोर्टर: shailesh
भोरमदेव में शुरू होगा जंगल सफारी, 22 बार नदी पार करने का मिलेगा रोमांच, जानें क्या-क्या रहेगा खास

भोरमदेव में शुरू होगा जंगल सफारी, 22 बार नदी पार करने का मिलेगा रोमांच, जानें क्या-क्या रहेगा खास

रायपुर : छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर अब एक नया और रोमांचक अध्याय जुड़ने जा रहा है. ऐतिहासिक और आस्था के केंद्र भोरमदेव मंदिर के आसपास फैले घने जंगल अब एडवेंचर प्रेमियों को बुला रहे हैं. भोरमदेव अभयारण्य में जल्द ही जंगल सफारी की शुरुआत होने जा रही है, जो प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी सपने से कम नहीं होगी.

करीब 352 वर्ग किलोमीटर में फैले इस शानदार अभयारण्य में 35 किलोमीटर लंबा सफारी रूट तैयार किया गया है. खास बात यह है कि यह सफर केवल जंगल देखने का नहीं, बल्कि रोमांच को महसूस करने का होगा. जहां सफारी के दौरान पर्यटकों को एक संकरी नदी को करीब 22 बार पार करना पड़ेगा, एक बेहद ही खूबसूरत वॉटरफॉल देखने को मिलेगा जो इसे और भी थ्रिलिंग बनाता है.

क्या रहेगा खास?

घने जंगल, ऊंचे-ऊंचे पहाड़, कल-कल बहते झरने और प्राकृतिक खूबसूरती के बीच सफारी का अनुभव आपको प्रकृति के और करीब ले जाएगा.

यहां टाइगर, तेंदुआ, हिरण, हाथी, नीलगाय, सांभर और वन भैंसा जैसे वन्यजीवों की मौजूदगी इसे और खास बनाती है.

वहीं सफारी के लिए फिलहाल 3 विशेष वाहन तैयार

एक वाहन में 6 पर्यटक + ड्राइवर + गाइड

ऑनलाइन बुकिंग सुविधा उपलब्ध

करियाआमा गेट पर पार्किंग, पेयजल और अन्य व्यवस्थाएं

एडवेंचर के साथ आराम भी
सिर्फ सफारी ही नहीं, बल्कि यहां कैंपिंग की सुविधा भी विकसित की जा रही है, जिससे पर्यटक जंगल के बीच रात बिताने का अनोखा अनुभव ले सकेंगे.

कब होगी शुरुआत?

अप्रैल के अंतिम सप्ताह में 27-28 अप्रैल को प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा इसका भव्य शुभारंभ किया जाएगा. इस पहल से न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे. कुल मिलाकर, भोरमदेव की यह जंगल सफारी छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है.

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