2nd Day of Navratri Vrat Katha 2025: नवरात्रि का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित होता है। इस दिन श्रद्धालु विधि-विधान से मां की आराधना कर ज्ञान, ध्यान और वैराग्य की प्राप्ति करते हैं। माता सरल स्वभाव वाली और दुष्टों को मार्ग दिखाने वाली देवी मानी जाती हैं।
मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-विधि
- प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और घर के मंदिर को साफ करें।
- मां दुर्गा का गंगाजल से अभिषेक करें और उन्हें अक्षत, लाल चंदन, चुनरी और सफेद पुष्प अर्पित करें।
- धूप, दीप जलाकर दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
- मां को सफेद मिठाई, मिश्री और खीर का भोग अर्पित करें।
- पान के पत्ते पर कपूर और लौंग रखकर माता की आरती करें और क्षमा प्रार्थना करें।
मां ब्रह्मचारिणी का प्रिय भोग, रंग और फूल
- भोग: सफेद मिठाई, मिश्री, खीर
- रंग: सफेद
- फूल: सफेद
शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: 04:40 से 05:26
- अभिजित मुहूर्त: 12:01 से 12:50
- गोधूलि मुहूर्त: 18:37 से 19:00
- अमृत काल: 07:24 से 08:48
मां ब्रह्मचारिणी मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से भगवान शिव भी प्रसन्न होते हैं और साधक को आत्मबल एवं शांति की प्राप्ति होती है।