युवक ने लगाई फांसी : बांग्लादेश हिंसा का विरोध करने पर मारपीट का आरोप, वीडियो से हुआ खुलासा

मुंगेली : जिले से एक संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है, जहां हिंदू संगठन से जुड़े 19 वर्षीय युवक नरेश साहू ने आत्महत्या कर ली. आत्महत्या से पहले युवक ने रिकॉर्ड किया, जिसके सामने आने के बाद मामला और भी तूल पकड़ता जा रहा है. वीडियो में नरेश ने सोहेल खान को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए पुलिस पर प्रताड़ना और बयान बदलवाने का दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं.

बांग्लादेश हिंसा विरोध प्रदर्शन से जुड़ा मामला

जानकारी के अनुसार, नरेश साहू मुंगेली जिले के बामपारा गांव का निवासी था और वर्तमान में बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र में रहकर निजी नौकरी कर रहा था. 28 दिसंबर को बिलासपुर में हिंदू संगठनों ने बांग्लादेश में हुई हिंसा के विरोध में प्रदर्शन किया गया था, जिसमें नरेश सक्रिय रूप से शामिल हुआ था, इसी प्रदर्शन के बाद विवाद की स्थिति बनी.

मारपीट और धमकी का आरोप

परिजनों और शिकायत के अनुसार, 31 दिसंबर की रात करीब 8:50 बजे शनिचरी रपटा के पास सोहेल खान और उसके साथी ने नरेश की बाइक रोक ली. आरोप है कि इस दौरान उसके साथ गाली-गलौज, मारपीट की गई और चाकूनुमा हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई. भयभीत नरेश अपनी बाइक छोड़कर मौके से भाग गया.

पुलिस कार्रवाई पर सवाल

घटना के बाद नरेश ने बिलासपुर सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने मामले में तत्परता नहीं दिखाई. वीडियो में नरेश ने दावा किया कि उस पर बयान बदलने का दबाव बनाया गया, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गया, इसी मानसिक तनाव के चलते वह वापस अपने गांव मुंगेली चला गया.

घर में लगाई फांसी

शुक्रवार को नरेश ने अपने घर में साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली. घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. आत्महत्या से पहले बनाया गया वीडियो अब जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है.

हिंदू संगठनों का प्रदर्शन

घटना के विरोध में बिलासपुर में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सिटी कोतवाली थाने का घेराव किया और सड़क जाम कर धरना दिया. प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की, स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया.

जांच जारी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो,शिकायत और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल यह मामला कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है.

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