आखिर कौन है आईपीएस निकेतन कदम..? नागपुर हिंसा में उपद्रवियों की भीड़ ने निकेतन पर किया कुल्हाड़ी से हमला, बहादुरी से पूरी स्थिति को संभाला

नागपुर : महाराष्ट्र के नागपुर में औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर वीएचपी और बजरंग दल के प्रदर्शन के दौरान सेंट्रल नागपुर में सोमवार को हिंसक घटनाएं हुई. इस बीच हिंसा भड़कने के बाद डीसीपी निकेतन कदम के नेतृत्व में पुलिस की एक टुकड़ी हालात पर नियंत्रण करने के लिए गलियों में घूम रही थी. इसी दौरान जब पुलिस टीम एक घर में घुसी, तो वहां 10 से अधिक संदिग्ध लोगों के छिपे होने की आशंका थी. लेकिन इतने में अचानक से 100 से अधिक लोगों की भीड़ आ गई.

इन लोगों के पास नंगी तलवारें, कुल्हाड़ी और छूरा चाकू के अलावा लाठी डंडा और हॉकी स्टिक थी. इस दौरान इन्होंने पुलिस टीम पर हमले की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की तो ये लोग पीछे हट गए. इन्हीं में से एक व्यक्ति ने कुल्हाड़ी से नागपुर जोन-5 के डीसीपी निकेतन कदम के ऊपर हमला किया. इस हमले को डीसीपी कदम ने अपने हाथ पर रोका, जिससे वह बुरी तरह से जख्मी हो गए.

सीएम फडणवीस ने फोन पर की बात

इस हादसे के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वीडियो कॉल पर डीसीपी कदम से बात की. उनसे उनकी तबियत पूछी, इसके जवाब में डीसीपी ने बताया कि वह ठीक है, बस हाथ में गहराई तक घाव है. गनीमत है कि नर्व नहीं कटी हैं. इसके बाद सीएम ने उनका हौंसला बढ़ाते हुए कहा कि उन्होंने बहुत बड़ा काम किया है. सीएम ने कहा कि वह उनके साथ हैं.

डीसीपी कदम ने क्या कहा?

डीसीपी निकेतन कदम ने कहा कि, ‘जब हम भीड़ को काबू करने की कोशिस कर रहे थे. उसी समय किसी ने मुझ पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिससे हाथ में गहरा जख्म हो गया है. लेकिन हमारी पूरी टीम वहां से सकुशल बाहर निकल कर आई और उसके बाद नागपुर पुलिस ने पूरी स्थिति पर नियंत्रण पाया.’

कौन हैं निकेतन कदम?

डीसीपी निकेतन कदम महाराष्ट्र कैडर 2019 बैच के IPS अधिकारी हैं. उनका पूरा नाम निकेतन बंशीलाल कदम है. वह मूल रूप से नासिक के रहने वाले हैं. शुरुआती पढ़ाई उन्होंने जिला परिषद के स्कूल में ही की थी. इसके बाद बीटेक करने के बाद कुछ दिन आईटी कंपनी में जॉब भी की, लेकिन मन नहीं लगा, क्योंकि वह आईपीएस बनना चाहते थे. ऐसे में यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली आए और परीक्षा में सफलता हासिल कर ली. उन्होंने दो बार यूपीएससी की परीक्षा दी, लेकिन कामयाबी तीसरी कोशिश में मिली. उन्होंने सिविल सर्विस की परीक्षा में 501वीं रैंक हासिल की थी.

कैसी भड़की हिंसा?

बता दें महाराष्ट्र में बीते कुछ दिनों से औरंगजेब की कब्र को लेकर बवाल की स्थिति है. हिंदू संगठन इस कब्र का विरोध कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि सोमवार की शाम को सोशल मीडिया में कोई अफवाह उड़ी थी. इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने नागपुर में बवाल शुरू कर दिया था.

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