कौन है अमोघ लीला दास, जिन पर इस्कॉन ने लगाया 1 माह का बैन

नई दिल्ली : इस्कॉन मंदिर से जुड़े संत अमोघ लीला दास सोशल मीडिया का काफी सक्रिय है और उनके वीडियो अक्सर ट्रेंड में रहते हैं, लेकिन अब एक बयान को लेकर वे विवादों में घिर गए हैं, जिसके बाद इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कान) ने संत अमोघ लीला दास पर एक माह का बैन लगा दिया है। ताजा विवाद अमोघ दास की उस टिप्पणी को लेकर है, जो उन्होंने स्वामी विवेकानंद और उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस को लेकर की थी।
अमोघ लीला प्रभु ने मानी गलती
विवाद के बाद इस्कॉन की ओर से एक बयान जारी कर कहा गया है कि अमोघ लीला प्रभु ने अपनी गलती को स्वीकार कर लिया है और वह प्रायश्चित के तौर पर 1 महीने के लिए सार्वजनिक जीवन से खुद को दूर रखेंगे और गोवर्धन की पहाड़ियों में जाएंगे। गौरतलब है कि एक प्रवचन के दौरान अमोघ लीला प्रभु ने स्वामी विवेकानंद के मछली खाने को लेकर टिप्पणी कर दी थी, जिस पर विवाद हो गया।
आशीष अरोड़ा से बने अमोघ लीला दास
अमोघ लीला दास एक चर्चित युवा आध्यात्मिक प्रवचन कर्ता है और सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं। उनके बोलने का अंदाज भी खूब पसंद किया जाता है। लखनऊ में जन्मे अमोघ लीला दास का असली नाम आशीष अरोड़ा है। साल 2000 में इंटरमीडिएट की पढ़ाई के दौरान ही उनकी अध्यात्म में रुचि बढ़ने लगी थी। सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद एक अमेरिकी कंपनी में नौकरी शुरू की, लेकिन 6 साल में ही नौकरी छोड़कर संन्यास की राह पकड़ ली, तब उनकी आयु सिर्फ 29 वर्ष थी।
अमोघ लीला दास ने क्या कहा था?
अमोघ लीला दास ने एक प्रवचन के दौरान स्वामी विवेकानंद के मछली खाने पर सवाल उठाते हुए कहा था कि क्या कोई सदाचारी व्यक्ति मछली खाएगा? मछली को भी दर्द होता है, ठीक? क्या कोई सदाचारी व्यक्ति मछली खाएगा? साथ ही उन्होंने स्वामी विवेकानंद के गुरु रामकृष्ण परमहंस को लेकर भी टिप्पणी की थी। अमोघ लीला प्रभु का यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यह मुद्दा चर्चा में आ गया।