श्वेत अमेरिकी पुलिस अधिकारियों ने क्रूरता की सारी हदें पार कीं, अश्वेत लोगों से अमानवीय अत्याचार की बात कबूली

अमेरिका : अमेरिकी न्याय विभाग ने  कहा कि मिसिसिपी के छह श्वेत पुलिस अधिकारियों दो निर्दोष अश्वेत पुरुषों को प्रताड़ित करने की बात स्वीकार करली। इन पुलिसकर्मियों ने पीड़ित अश्वेतों पर एक घंटे तक टॉय, टैसर और तलवार का इस्तेमाल करके प्रताड़ित किया था। आखिर में एक पुलिसवाले ने एक व्यक्ति के मुंह में गोली मार दी जो गर्दन को चीरती हुई बाहर निकल गई।

अटॉर्नी जनरल मेरिक गारलैंड ने कहा, “इस मामले में पुलिस ने पीड़ितों को प्रताड़ित किया और असहनीय नुकसान पहुंचाया, यह नागरिकों के अधिकारों का घोर उल्लंघन है, जिसकी पुलिस को रक्षा करनी चाहिए थी। पुलिसकर्मियों ने कानून प्रवर्तन अधिकारियों के रूप में जो शपथ ली थी, उसके साथ शर्मनाक तरीके से धोखा किया गया है।”

कई आरोपों में दोषी करार

मिसिसिपी के रैंकिन काउंटी शेरिफ विभाग के पांच पूर्व सदस्यों और रिचलैंड पुलिस विभाग के एक पूर्व सदस्य को नागरिक अधिकारों की साजिश, कानून के तहत अधिकारों से वंचित करने और न्याय में बाधा डालने सहित कई आरोपों में दोषी ठहराया गया।

बिना कारण किया हमला

सभी छह श्वेत पुलिस अधिकारियों ने स्वीकार किया कि इसी साल 24 जनवरी को संदिग्ध गतिविधि पर प्रतिक्रिया देते समय, उन्होंने एक घर के दरवाजे में लात मारी और वहां दो अश्वेत लोगों पर लगातार बिना कारण के हमला शुरू कर दिया। डीओजे ने कहा, उन्होंने दोनों पीड़ितों को हथकड़ी लगाई और उनके साथ नस्लीय दुर्व्यवहार किया और उन्हें “रैंकिन काउंटी से बाहर रहने” की चेतावनी दी।

एक प्रेस रिलीज में कहा गया, ” पुलिस अधिकारियों ने अश्वेत लोगों को मुक्का मारा और लात मारी, उन्हें 17 बार छेड़ा, उन्हें तरल पदार्थ पीने के लिए मजबूर किया और डिल्डोसे उन्हें प्रताड़ित किया गया।” डीओजे ने कहा कि उन्होंने एक पीड़ित पर तलवार और रसोई उपकरण से भी कई बार हमला किया।

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