जब Amitabh Bachchan को ‘क्लीनिकली डेड’ कर दिया घोषित, जया के हाथ में थी हनुमान चालीसा, लेकिन पढ़ नहीं पाईं!

मुंबई : अमिताभ बच्चन ने बॉलीवुड में एक लंबा सफर तय किया है। उन्होंने एक से बढ़कर एक फिल्में की हैं। उनकी फिल्मों के साथ-साथ लोगों को वो भयावह दिन भी याद है, जब उन्हें ‘कुली’ के सेट पर गंभीर चोट लग गई थी। एक तरफ वो हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहे थे तो दूसरी तरफ पूरा देश उनकी सलामती के लिए प्रार्थना कर रहा था।

सबकी दुआ रंग भी लाई और वो ठीक हो गए। लेकिन ये वक्त बहुत बुरा बीता। उनके परिवार के लिए भी और फैंस के लिए भी। एक बार जया बच्चन ने बताया था कि कैसे डॉक्टर्स ने उनसे कहा था कि अब दुआ करो, क्योंकि यही एकमात्र विकल्प बचा है। उस समय उनके हाथ में हनुमान चालीसा थी।

Amitabh Bachchan को काम के दौरान कई चोटें लगीं, लेकिन उनकी सबसे बड़ी चोट ‘कुली’ के सेट पर चोटिल होने की रही। उन्हें एक हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां वे कोमा में रहे और कई सर्जरी के बावजूद ट्रीटमेंट से कोई फायदा नहीं हुआ। यहां तक कि वेंटिलेटर पर रखे जाने से पहले उन्हें कुछ मिनटों के लिए ‘क्लीनिकली डेड’ घोषित कर दिया गया था।

‘कुली’ के सेट पर घायल हुए थे अमिताभ बच्चन

अमिताभ बच्चन ने 2 अगस्त 1982 को ‘कुली’ के सेट पर एक एक्शन सीक्वेंस के दौरान खुद को घायल कर लिया। वह बेंगलुरु यूनिवर्सिटी कैंपस में एक्टर पुनीत इस्सर के साथ एक लड़ाई का सीन शूट कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने गलत तरीके से छलांग लगाई और खुद को घायल कर लिया। उनको बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होने लगी।

अमिताभ बच्चन ने कोमा में होने को याद किया

सिमी ग्रेवाल ने अपने शो में अमिताभ बच्चन से इसके बारे में पूछा था। उन्होंने खुलासा किया था, ‘मैं कोमा में था। सेट पर हुए हादसे में मेरी आंत (Intestine) फट गई थी। और फिर सर्जरी हुई जो लगभग इमरजेंसी में की गई थी। हम 5 दिन बाद मुंबई गए, टांके टूट गए और मुझे एक और सर्जरी करनी पड़ी। यह उस सर्जरी का अंत था, जहां मैं 12-14 घंटों तक एनेस्थीसिया से बाहर नहीं आ सका। तभी उन्हें लगा कि सब कुछ खत्म हो गया है, क्योंकि शायद ही कोई पल्स थी, बीपी लगभग शून्य हो गया था।’

जया बच्चन ने उस बुरे वक्त को याद किया

वहीं, जया ने अपने देवर द्वारा अमिताभ की हालत के बारे में जानकारी दिए जाने पर अपना रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा, ‘जब मैं अस्पताल पहुंची तो मेरे देवर ने कहा, ‘कहां थी आप, हम आपको ढूंढ रहे थे? हम आपकी तलाश कर रहे थे।’ और मैंने कहा कि मैं बच्चों को देखने के लिए घर गई थी। फिर वह मुझे ले गया, उसने मुझे बहादुर बनने के लिए कहा। मुझे लगा, नहीं यह संभव नहीं है। मुझे पता है कि यह संभव नहीं है। मेरे हाथ में हनुमान चालीसा थी।

डॉ. दस्तूर वहां से गुजरे और कहा, ‘यह केवल आपकी प्रार्थना है जो (क्लीनिकली डेड हो चुके बिग बी) मदद करेगी।’ लेकिन मैं इसे पढ़ नहीं सकी। मैं यह नहीं देख सकी कि उन्होंने क्या किया, लेकिन मैं देख सकती थी कि वे उनके हार्ट को पंप कर रहे थे, वे उन्हें इंजेक्शन दे रहे थे। और जब उन्होंने हार मान ली, तो मैंने उसके पैर के अंगूठे को हिलते हुए देखा, और मैंने कहा, ‘वो मूव कर रहे हैं, उन्होंने मूव किया’ और फिर वह पुनर्जीवित हो गए।’

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