विधानसभा : सदन में गूंजा जर्जर स्कूल भवनों का मामला, अजय चंद्राकर ने कहा “पूरा शिक्षा विभाग ही है जर्जर”

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र में डोंगरगढ़ के शाला भवनों के जर्जर होने का मामला भुनेश्वर बघेल ने प्रश्नकाल में उठाया। भुनेश्वर बघेल ने पूछा कि डोंगरगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत कितने प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय जर्जर और कितने विद्यालय अति जर्जर अवस्था में हैं। कितने विद्यालय भवन विहीन हैं? जर्जर या अति जर्जर भवनों में कौन-कौन सी विद्यालयों की कक्षाएं लगाई जा रही है?

स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने इसका जवाब देते हुए बताया कि डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 4 विद्यालय अति जर्जर हैं इसलिए इनका संचालन अन्य भवनों में किया जा रहा है। 4। भवन विहीन शालाएं अन्य स्थलों में संचालित की जा रही है। जर्जर शालाओं के मेंटेनेंस के लिए मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना शुरू की गई है। इसके तहत स्कूलों के मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है।

छात्रावासों में प्रदत्त सुविधाओं का उठा मामला

विधायक राम कुमार यादव ने चंद्रपुर विधानसभा के छात्रावासों में प्रदत्त सुविधाओं का मामला प्रश्नकाल में उठाया। रामकुमार यादव ने पूछा कि चंद्रपुर में कौन-कौन से छात्रावास संचालित हैं? इन छात्रावासों में कौन-कौन सी सुविधाएं दी जा रही हैं? छात्र छात्राओं को भोजन, साबुन और अन्य सामग्री के लिए कितनी राशि दी गई है?

मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने अपने जबाब में बताया कि आदिम जाति विकास विभाग के द्वारा चंद्रपुर में 44 छात्रावासों का संचालन किया जा रहा है। मंत्री ने छात्रावासों में दी गई राशि की जानकारी दी।

शिक्षामंत्री ने जर्जर स्कूलों की मरम्मत का दिलाया भरोसा

विधायक चंदन कश्यप ने नारायणपुर में जर्जर स्कूलों का मुद्दा उठाया। अजय चंद्राकर ने की टिप्पणी करते हुए कहा कि पूरा शिक्षा विभाग ही जर्जर है। स्कूलों की स्थिति का क्या कहें।

मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने अपने जवाब में बताया कि स्कूल जतन योजना के तहत जर्जर भवनों की मरम्मत कराई जा रही है। विधायक छज्नी साहू ने कहा कि सुधार की उम्मीद से हम सभी अपने क्षेत्र के स्कूलों के लेकर प्रश्न करते हैं। मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने जर्जर स्कूलों की मरम्मत का भरोसा दिलाया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

This will close in 20 seconds