VIDEO – Indian Navy : दुश्मनों को चंद सेकेंड में तबाह कर देगा ताकतवर टॉरपीडो, नेवी ने बताया मील का पत्थर

नईदिल्ली। हिंद महासागर क्षेत्र चीन के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए भारतीय नौसेना खुद को मजबूत करने में लगी हुई है. जरूरत पड़ने पर दुश्मन को माकूल जवाब देने के लिए इंडियन नेवी अपने हथियारों और मारक क्षमता में लगातार बढ़ोतरी कर रही है. इसी कड़ी में मंगलवार को नौसेना ने देश में तैयार की गई हैवी वेट टॉरपीडो का पानी के समुद्र के भीतर सफलतापूर्वक परीक्षण किया है.

भारतीय नौसेना की ओर से जारी बयान के मुताबिक, टॉरपीडो ने तय समय में पानी के भीतर अपने लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाते हुए उसे ध्वस्त कर दिया. इस टॉरपीडो का निर्माणा डीआरडीओ की मदद से किया गया है. नौसेना ने कहा कि पानी के भीतर टॉरपीडो का सटीक निशाना लगाना उसके लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है.

समुद्र में टॉरपीडो के परीक्षण को लेकर नौसेना की ओर से एक वीडियो भी जारी किया है. वीडियो में एक टारगेट को पानी के सतह पर तैरते हुए दिखाया गया है. कुछ ही सेकेंड में टॉरपीडो सटीक निशाना लगाते हुए उसे ध्वस्त कर देता है. वीडियो में आप देख भी सकते हैं कि पानी की सतह पर तैर रहे एक टारगेट को विस्फोट कर ध्वस्त कर देता है.

पिछले महीने भारतीय नौसेना की ओर से एडवांस सी स्कीमिंग मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था. इस मिसाइल ने समुद्र के सतह पर तैरते हुए टारगेट को पानी के नीचे से हिट कर ध्वस्त कर दिया था. इस मिसाइल की टेस्टिंग विध्वंसक युद्धपोत आईएनएस मोरमुगाओ से किया गया. मोरमुगाओ को पिछले साल दिसंबर में ही भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है.

अत्याधुनिक हथियारों से लैस है मोरमुगाओ
नौसेने के मुताबिक, मोरमुगाओ सतह से सतह और सतह से हवा में मार करने में सक्षम है. इसे कई अत्याधुनिक मिसाइलों और हथियारों से लैस किया गया है. मोरमुगाओ की गिनती भारत में निर्मित सबसे शक्तिशाली युद्धपोतों में होती है. युद्धपोत को आधुनिक निगरानी रडार से लैस किया गया. यह युद्धपोत 7400 टन विस्थापन के साथ समुद्र में दुश्मनों के छक्के छुड़ाने में सक्षम है.

दरअसल, पिछले कुछ सालों में चीन की विस्तारवादी नीति का असर हिंद महासागर में भी देखने को मिला है. हिंद महासागर को लेकर चीन की बिगड़ती नियत को देखते हुए भारतीय नौसेना खुद को और मजबूत करने में जुटी हुई है. हिंद महासागर में अपनी पैठ को बढ़ाने के लिए चीन ने पिछले साल इंडियन ओशन रीजन फोरम का गठन किया था.

चीन ने हाल ही में बनाया था फोरम
चीन ने दावा किया था कि फोरम की हाइब्रिड मीटिंग में अफगानिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, पाकिस्तान समेत कुल 19 देश शामिल हुए थे. हालांकि, चीन के दावे के तुरंत बाद ऑस्ट्रेलिया समेत कुछ देशों ने इसका खंडन भी कर दिया था. हिंद महासागर पर चीन की नजर इसलिए टिकी हुई है क्योंकि दुनियाभर के समुद्री व्यापार में यह अहम भूमिका निभाता है.

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