हत्या के आरोप में जेल में बंद विचाराधीन बंदी से मारपीट, कमर में आई गंभीर चोट की वजह से हुआ लकवाग्रस्त

जशपुरनगर : जिला जेल में विचाराधीन बंदी के साथ हुई मारपीट की घटना में कमर में आई गंभीर चोट के कारण लकवाग्रस्त हो गया है। जिला चिकित्सालय के अस्थि रोग विशेषज्ञ डा अनुरंजन टोप्पो ने घायल बंदी को बेहतर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा संस्थान के लिए रेफर कर दिया है।
मामला जशपुर जिला जेल का है। जानकारी के अनुसार आरा चौकी क्षेत्र के ग्राम बरपानी निवासी रोशन मिंज को जशपुर पुलिस ने उसके पिता के हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था। न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में उसे जिला जेल भेज दिया गया था। घायल रोशन मिंज का आरोप है कि जेल में घुसते ही उसके साथ पहले से बंद कैदियों ने मारपीट शुरू कर दी। दो दिन तक उसकी बेदर्दी से पिटाई की जाती रही। इससे उसके कमर और पैर में गंभीर चोट आई। मंगलवार को कमर के नीचे का हिस्सा सुन्न पड़ जाने की शिकायत पर जेल प्रशासन ने रोशन को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भेजा।
उपचार करने वाले चिकित्सक डा अनुरंजन टोप्पो ने मिडिया को बताया कि घायल रोशन मिंज के मंगलवार की दोपहर को पैर में हलचल न होने की शिकायत पर भर्ती कराया गया था। जांच में पता चला कि रोशन का बायां पैर पूरी तरह से सुन्न हो चुका था दाहिने पैर में थोड़ी सी हलचल थी। एक्स रे कराने पर पता चला कि उसकी हड्डी टूटी हुई जिससे वह पैरालाइज हो गया है। इस कारण उसे रेफर कर दिया है। रोशन मिंज का आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान जेल प्रबंधन पूरी तरह से मूक दर्शक बना रहा।
जानकारी के लिए बता दें कि जिला जेल में इससे पहले भी जेल की चारदीवारी के अंदर विचाराधीन बंदियों से मारपीट को लेकर विवादों में घिरता रहा है। लोदाम निवासी एक विचाराधीन बंदी की मृत्यु के मामले को लेकर बवाल भी हो चुकी है। इस घटना की जांच के लिए जिला प्रशासन ने विशेष जांच दल का गठन भी किया था। इसी साल जेल की चार दीवारी फांदकर दो बंदियों के फरार हो जाने से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया था। इन सब घटनाओं के बावजूद,जेल की व्यवस्था सुधरती नहीं दिख रही है।