फोन पर कभी मंगतेर तो कभी परिजन बनकर करते थे युवकों से बात, मैरिज ब्यूरो की आड़ में चल रहा था ठगी का बड़ा व्यापार

राजनांदगांव : जिले में मैरिज ब्यूरो की आड़ में एक बड़ा खेल चल रहा था. इस ब्यूरो के पीछे युवकाें को फंसाने वाले सृष्ट‍ि कालोनी स्थित लव लाइफ रिश्‍ते मैरिज ब्यूरो के तीन और आरोपियों को बसंतपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इस गिरफ्तारी में एक युवती और दो युवक शामिल हैं.

मामले में पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ये तीनों रिश्‍ता ढूंढ रहे युवकाें को अपने जाल में फंसाकर उनके परिजन से कभी उनकी होने वाली मंगेतर तो कभी भाई और पिता बनकर बात किय करते थे. इस तरह विश्वास दिलाने के बाद उनसे पैसे ऐठे जाते थे.

700 युवकों से ठगे 38 लाख रुपये

पुलिस द्वारा मामले में कंपनी के डायरेक्टर धमेंद्र मानिकपुरी, संचालक ने‍हा पाठक को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था. पूरे स्‍कैंडल में अब तक करीब 700 से अधिक युवकों से 38 लाख की ठगी का मामला सामने आया है. पुलिस ने अभी और तीन बैंक अकांउट की जानकारी आरोपियों से मांगी है, जिसके बाद ये रकम और अधिक हो सकती है.

मामले में पुलिस ने शनिवार को लव लाइफ रिश्‍ते मैरिज ब्यूरो में काम करने वाले पांडातराई निवासी मनिकपुरी, सियाराम साहू और ममता नगर की रहने वाली श्रृष्ट‍ि गाेस्‍वामी को गिरफ्तार किया है.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ये तीनों ही आरोपी धमेंद्र और नेहा पाठक की ठगी के इस रैकेट में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे. तीनों आरोपियों को इसके बदले वेतन भी दिया जा रहा था.

30 से अधिक उम्र के युवकों को फंसाया

मैरिज ब्यूरो की आड़ में संचालकों ने पूरे देशभर के 30 वर्ष से अधिक उम्र वाले युवकों को शादी के रिश्‍तों की आड़ में फंसाया था.

यूट्यूब, फेसबुक, इंस्‍टाग्राम के अलावा गूगल एड्स के माध्‍यम से आरोपियों ने देशभर में अपना नेटवर्क बनाया था.

फर्जी युवतियों की प्रोफाइल देकर बेस्‍ट मैच बताया गया.

रजिस्‍ट्रेशन के लिए 1500 से लेकर मीटिंग करवाने तक 20 से 30 हजार रुपये की मांग की. इस तरह से सैकड़ो युवकों को स्‍कैम में फंसाया और चूना लगाया.

वेतन लेकर काम करते थे आरोपी

मामले पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर ने बताया है कि इस पूरे स्‍कैम में शामिल श्रृष्ट‍ि गोस्‍वामी कभी मंगेतर तो कभी मंगेतर की मां बनकर युवको से बात करती थी. इसी तरह ताम्रध्‍वज मानिकपुरी और सियाराम साहू लड़की के परिजन बनकर वैवाहिक रिश्‍तों की बात करते और बात को आगे बढ़ाते थे. इन सभी को धमेंद्र और नेहा ने वेतन पर अपने यहां नौकरी पर रखा था.

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