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पीएससी घोटाला में पूरक चालान : पदाधिकारियों ने अपने परिजन, परिचितों का गलत तरीके से कराया चयन

Chhattisgarh September 30, 2025 रिपोर्टर: shailesh
पीएससी घोटाला में पूरक चालान : पदाधिकारियों ने अपने परिजन, परिचितों का गलत तरीके से कराया चयन

पीएससी घोटाला में पूरक चालान : पदाधिकारियों ने अपने परिजन, परिचितों का गलत तरीके से कराया चयन

रायपुर। सीजीपीएससी भर्ती घोटाला में सीबीआई ने स्पेशल कोर्ट मैं पांच लोगों के खिलाफ करीब दो हजार पन्नों का पूरक चालान पेश किया है। सीबीआई ने पिछले दिनों तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, तत्कालीन सचिंव जीवन किशीर धुव उसके बेटे सुमित ध्रुव तथा सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सौनवानी के भाई की पुत्रवधु दीपा आडिल, मिशा सोनवानी को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश कर छह अक्टूबर तक न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल किया है। कोर्ट में चालान पेश करते हुए सीबीआई के वकील ने कोर्ट को बताया है कि मामले की जांच जारी है।

इससे आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में सीजीपीएससी परीक्षा भर्ती घोटाला में सीबीआई के अफसर और अन्य लोगों को गिरफ्तार कर सकते हैं। कोर्ट में पेश किए गए चालान में परीक्षा भर्ती गड़बड़ी में आरोपियों की भूमिका के बारे में विस्तार पूर्वक उल्लेख किया गया है। सीबीआई के वकील ने कोर्ट में तर्क पेश करते हुए कहा है कि अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों से मिले तथ्यों के आधार पर सीबीआई आगे की जांच कर रही है।

दायित्वों का सही तरीके से नहीं किया निर्वहन

सीबीआई ने आरोप लगाया है कि सीजीपीएससी के तत्कालीन पदाधिकारियों ने अपने परिजनों, रिश्तेदारों आदि का लेनदेन कर गलत तरीके से चयन कराया। परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक पर आरोप है कि उन्होंने पेपर लीक होने के बाद भी अपना दायित्व का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया। इस वजह से गलत तरीके से अपात्र लोगों का सीजीपीएससी में चयन हुआ। 2021 में  सीजीपीएससी भर्ती प्रक्रिया में 1 लाख 29 हजार 206 उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से 2 हजार 548 मुख्य परीक्षा के लिए चुने गए। इनमें 509 अध्यर्थियों के साक्षात्कार हुए। बाद में 170 को विभिन्न पदों पर नियुक्त किया गया। इसमें चयनित उम्मीदवारों में कई आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों से सीधे जुड़े हुए थे।

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