डोप सैंपल लेने से रोका, कोच पर छह साल का प्रतिबंध; दो खिलाड़ी भी प्रतिबंधित

नई दिल्ली : डोपिंग कंट्रोल अधिकारी (डीसीओ) को खिलाड़ी का डोप सैंपल लेने से रोकने और उसके साथ हाथापाई, दुव्र्यवहार करने केे मामले में कोच को नाडा के सुनवाई पैनल ने छह साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। इस प्रतिबंध के साथ कोच पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह भारतीय खेलों के इतिहास में पहला मामला है जब डीसीओ को डोप सैंपल से रोकने और उसके साथ हाथापाई करने के मामले में किसी कोच पर इतना बड़ा प्रतिबंध लगाया गया है। यही नहीं सुनवाई पैनल ने कोच के साथ संलिप्त दो जूडो खिलाडिय़ों को भी चार और दो साल के लिए प्रतिबंधित किया है।

कोच पर बीते वर्ष लगा था हाथापाई का आरोप

बीते वर्ष जुलाई माह में नाडा का डीसीओ दिल्ली स्थित जूडो अकादमी में एक जुडोका का डोप सैंपल लेने गया था, लेकिन कोच नरेश आर्या ने डीसीओ को सैंपल लेने से रोका। मामला बढ़ने पर डीसीओ के साथ दुव्र्यवहार और हाथापाई का आरोप भी लगा। डीसीओ की शिकायत पर नाडा ने 24 जुलाई, 2023 को इस कोच को अस्थाई रूप से प्रतिबंधित कर दिया। मामले की सुनवाई में यह साबित हो गया कि कोच ने डीसीओ को सैंपल लेने से रोका और दुर्व्यवहार, हाथापाई भी की, जिसमें अकादमी के दो जुडोकाओं ने उनका साथ दिया।

अब प्रशिक्षण नहीं दे पाएंगे

पैनल की चेयरपरसन चारू प्रज्ञा ने फैसले में कहा कि कोच ने डीसीओ के कार्य में बाधा डालते हुए नाडा के नियम 2.5 और 2.9 का उल्लंघन किया है और आर्टिकल 10.3.1, 10.3.4 और नियम 10.4 के तहत उन पर बीते वर्ष 24 जुलाई से छह साल का प्रतिबंध लगाया जाता है। प्रतिबंध की अवधि के दौरान कोच प्रशिक्षण की गतिविधि से दूर रहेंगे। वे किसी कंपटीशन, इवेंट में कोच और एथलीट मैनेजर की भूमिका नहीं निभा सकेंगे।

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