‘साहब, मैं तो जिंदा हूं…’, जिसे मृत मानकर पुलिस ने सुलझाई मर्डर की मिस्ट्री, वही युवक पहुंचा थाने

जशपुर : जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिस युवक की हत्या के आरोप में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, अब वह युवक वापस अपने घर लौट आया है. ऐसे में सवाल इस बात का है कि आखिर जिस युवक की मौत हुई थी और जिस लाश का परिवार वालों ने अंतिम संस्कार किया आखिर वह लाश किसकी थी.

वहीं दूसरी तरफ पुलिस नए सिरे से मामले की जांच में जुटी हुई है, तो दूसरी तरफ पुलिस के जांच पर भी सवाल उठ रहे हैं.

जिसे मृत मानकर पुलिस ने सुलझाई मर्डर की मिस्ट्री

जशपुर जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के पुरनानगर– तुरीटोंगरी जंगल में 22 अक्टूबर को मिली अधजली लाश को पुलिस ने ग्राम सिटोंगा निवासी सीमित खाखा (30) का शव मानते हुए हत्या का मामला दर्ज किया था. इस प्रकरण में रामजीत राम, विरेंद्र राम, एक विधि से संघर्षरत बालक सहित बाद में फरार आरोपी शीतल मिंज और जीतू राम को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. शव की पहचान मृतक के माता-पिता और भाई द्वारा कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष की गई थी तथा आरोपियों ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने हत्या स्वीकार की थी. फॉरेंसिक टीम द्वारा सीन ऑफ क्राइम का रिक्रिएशन भी कराया गया था.

मृतक युवक पहुंचा थाने, बोला- साहब, मैं तो जिंदा हूं

शनिवार रात मामला उस समय पलट गया जब मृत घोषित किया गया सीमित खाखा ग्राम पंचायत सिटोंगा की सरपंच कल्पना खलखो के साथ स्वयं सिटी कोतवाली पहुंचा और बताया कि वह मजदूरी के लिए झारखंड गया था, रांची के गिरिडीह के सरईपाली गांव में काम कर रहा था और मोबाइल न होने के कारण घर वालों से उसका संपर्क नहीं था. घर वालों को बिना बताये काम करने गया था.

एसडीओपी चंद्रशेखर परमा ने कहा कि पुलिस ने मृतक की पहचान और आरोप स्वीकार करने की सभी कानूनी प्रक्रियाएं मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पूरी की थीं, लेकिन अब सीमित खाखा के जीवित मिलने के बाद अब पूरे प्रकरण की नए सिरे से जांच की जा रही है और गिरफ्तार आरोपियों की रिहाई हेतु वैधानिक प्रक्रिया शुरू की गई है. वास्तविक मृतक की पहचान के लिए राजपत्रित अधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर जांच जारी है.

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