सुरक्षा बलों को मिली बड़ी सफलता : 16 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, नक्सल पुनर्वास नीति का मिलेगा लाभ  

नारायणपुर : छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों की लगातार रणनीतिक कार्रवाई और सरकार की पुनर्वास नीति रंग ला रही है. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में 16 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया. आत्मसमर्पण करने वाले ये सभी नक्सली लंबे समय से लंका और डूंगा जैसे अंदरूनी इलाकों में सक्रिय थे. इनमें जनताना सरकार के सदस्य, पंचायत मिलिशिया के डिप्टी कमांडर, पंचायत सरकार सदस्य, पंचायत मिलिशिया सदस्य और न्याय शाखा अध्यक्ष जैसे पदों पर कार्यरत नक्सली भी शामिल हैं.

इस नीति का मिल रहा लाभ

छत्तीसगढ़ नक्सल आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत और पुनर्वास नीति-2025′ का उद्देश्य नक्सल हिंसा के पीड़ितों को अधिक मुआवज़ा, मुफ़्त शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएँ और नौकरी के अवसर प्रदान करना है. साथ ही, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को नया जीवन शुरू करने के लिए पुनर्वास और कानूनी सहायता मिलेगी.

नई नीति का प्राथमिक उद्देश्य नक्सल हिंसा से प्रभावित लोगों की सहायता करना और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को समाज में फिर से शामिल करना है. अधिकारी ने कहा कि सरकार का मानना है कि नक्सलवाद को खत्म करने के लिए सख्त कार्रवाई और पुनर्वास के बीच संतुलन जरूरी है.

नक्सल विरोधी अभियानों में पुलिस की विशेष सहायता करने वाले ‘गोपनीय सैनिकों’ (पुलिस मुखबिरों) की मृत्यु के मामले में दिए जाने वाले मुआवजे को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये (केंद्रीय योजनाओं के तहत देय मुआवजे के अतिरिक्त) कर दिया गया है. इसी तरह, ऐसे व्यक्ति को स्थायी विकलांगता के मामले में दिए जाने वाले मुआवजे को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है.

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