नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी अफसर के बच्चों को SC ने दी जमानत, हाईकोर्ट ने नहीं दी थी राहत

 नई दिल्ली : नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी दिल्ली सरकार के अफसर प्रेमोदे खाखा के बच्चों को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी के बेटे और बेटी को अग्रिम जमानत देने का आदेश दिया है। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपी के बच्चों को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 25 हजार के निजी मुचलके पर अग्रिम जमानत देने का आदेश दिया।

हाईकोर्ट से निराशा के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मिली राहत

आरोपी अधिकारी के बेटे और बेटी पर भी अपराध में सहयोग करने का आरोप है। दोनों ने पहले ट्रायल कोर्ट में अपील की थी, लेकिन वहां से निराशा हाथ लगने के बाद दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अग्रिम जमानत देने की मांग की थी। हालांकि हाईकोर्ट के इनकार के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को राहत दे दी है। जस्टिस सीटी रविकुमार और जस्टिस राजेश बिंदल की पीठ ने माना कि याचिकाकर्ता जांच में भी सहयोग कर रहे हैं।

बीते साल 11 अक्तूबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपी के बेटे और बेटी को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि प्रथम दृष्टया दोनों से पूछताछ की जरूरत है। साथ ही पीड़िता के पिता की मौत हो चुकी है और आरोपी और उसका परिवार और पीड़िता एक ही आवासीय परिसर में रहते हैं। इन तथ्यों के आधार पर हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत से इनकार कर दिया था।

क्या है मामला

आरोपी अफसर प्रमोदे खाखा पर आरोप है कि उसने नवंबर 2020 से लेकर जनवरी 2021 तक कई बार पीड़ित नाबालिग लड़की से दुष्कर्म किया। पीड़िता आरोपी के दोस्त की बेटी है और दोनों परिवार एक दूसरे के परिचित हैं। आरोपी फिलहाल जेल में बंद है। आरोपी की पत्नी भी जेल में बंद है। पत्नी पर आरोप है कि नाबालिग के गर्भवती होने पर उसी ने दवाई देकर पीड़िता का गर्भ गिराया था।

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