नियम विरुद्ध युक्तियुक्तकरण : शिक्षको ने सुनवाई में रखी आयुक्त के समक्ष अपनी बाते

रायपुर : युक्तियुक्तकरण के तहत टरसरे स्कूलों में भेजे गए शिक्षकों की आपत्तियों पर संभाग आयुक्त महादेव कावरे ने सुनवाई की। इस दौरान रायपुर जिले के शिक्षकों ने आयुक्त के समक्ष अपनी बातें भी रखीं। इनमें से ज्यादातर शिक्षकों ने उन्हें अवगत कराया कि शासन के नियमों को दरकिनार कर जिला स्तरीय समिति ने उन्हें दूसरे स्कूलों में पदस्थ किया है। आयुक्त संभाग कार्यालय में आई आपत्तियों की यह अंतिम सुनवाई थी। इससे पहले आयुक्त ने रायपुर, बलौदाबाजार, महासमुंद, धमतरी एवं गरियाबंद जिले से आई आपत्तियों पर सुनवाई कर चुके हैं।
आपत्तियों पर आयुक्त ने की सुनवाई
युक्तियुक्तकरण के तहत कई शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में रिक्त पद एवं विषवार शिक्षकों की कमी को देखते हुए पदस्थ किया है। इसके लिए सभी जिलों में जिला स्तरीय पर समिति बनाई गई थी। इन समितियों ने ही युक्तियुक्तकरण के तहत शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में जरूरत के अनुसार पदस्थ किया है। इस संबंध में सूची बनाई थी। इसके तहत ही आदेश जारी हुए थे, लेकिन इस आदेश के बाद कई जिलों में वर्तमान स्कूल से दूसरे स्कूल में पदस्थ किए गए अनेकों शिक्षकों ने जिला स्तरीय के निर्णय को शासन के नियम के विरुद्ध बताया है। इसे लेकर कई शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका भी लगाई है, जिस पर शिक्षकों को सटे भी मिला है। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने शासन को निर्देशित किया है कि संभाग स्तर पर शिक्षकों की आपत्तियों को सुनकर निराकरण करें, तब तक युक्तियुक्तकरण के आदेश को स्थगित रखा जाए।
रायपुर युक्तियुक्तकरण के तहत टरसरे स्कूलों में भेजे गए शिक्षकों की आपत्तियों पर संभाग आयुक्त महादेव कावरे ने सुनवाई की। इस दौरान रायपुर जिले के शिक्षकों ने आयुक्त के समक्ष अपनी बातें भी रखीं। इनमें से ज्यादातर शिक्षकों ने उन्हें अवगत कराया कि शासन के नियमों को दरकिनार कर जिला स्तरीय समिति ने उन्हें दूसरे स्कूलों में पदस्थ किया है। आयुक्त संभाग कार्यालय में आई आपत्तियों की यह अंतिम सुनवाई थी। इससे पहले आयुक्त ने रायपुर, बलौदाबाजार, महासमुंद, धमतरी एवं गरियाबंद जिले से आई आपत्तियों पर सुनवाई कर चुके हैं।
आपत्तियों पर आयुक्त ने की सुनवाई
युक्तियुक्तकरण के तहत कई शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में रिक्त पद एवं विषवार शिक्षकों की कमी को देखते हुए पदस्थ किया है। इसके लिए सभी जिलों में जिला स्तरीय पर समिति बनाई गई थी। इन समितियों ने ही युक्तियुक्तकरण के तहत शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में जरूरत के अनुसार पदस्थ किया है। इस संबंध में सूची बनाई थी। इसके तहत ही आदेश जारी हुए थे, लेकिन इस आदेश के बाद कई जिलों में वर्तमान स्कूल से दूसरे स्कूल में पदस्थ किए गए अनेकों शिक्षकों ने जिला स्तरीय के निर्णय को शासन के नियम के विरुद्ध बताया है। इसे लेकर कई शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका भी लगाई है, जिस पर शिक्षकों को सटे भी मिला है। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने शासन को निर्देशित किया है कि संभाग स्तर पर शिक्षकों की आपत्तियों को सुनकर निराकरण करें, तब तक युक्तियुक्तकरण के आदेश को स्थगित रखा जाए।
5 सौ से ज्यादा आपत्तियां
रायपुर संभाग अंतर्गत सभी जिलों से पांच सौ से ज्यादा शिक्षकों ने जिला स्तरीय समिति के निर्णय के विरुद्ध आपत्तियां लगाई थीं। इन सभी आपत्तियों पर आयुक्त ने सुनवाई की। सभी जिलों की आपत्तियों के लिए सुनवाई की अलग-अलग तारीख दी गई थी। रायपुर जिले के लिए सबसे आखिरी में 29 एवं 30 अगस्त को सुनवाई हुई। शनिवार को अंतिम सुनवाई थी।
दो पाली में हुई सुनवाई, 100 शिक्षकों ने रखी अपनी बात
रायपुर जिले से कुल 183 शिक्षकों ने आपत्तियां लगाई थी। इनमें से 83 शिक्षकों की आपत्तियों पर 29 अगस्त को सुनवाई हुई थी, वहीं 30 को बाकी बचे 100 शिक्षकों की सुनवाई हुई। अंतिम दिन भी दो पाली में सुनवाई हुई, जो सुबह बजे से शाम 5 बजे तक चली।
सुनवाई के बाद अब निराकरण
सुनवाई पूरी हो चुकी है। इसके बाद अब आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा। सूत्र के अनुसार इन आपत्तियों में जिन शिक्षकों को नियम के विरुद्ध दूसरे स्कूल भेजा गया है, उन्हें उसी स्कूल में यथावत रखा जाने संबंधित आदेश जारी सकता है, वहीं जिनकी आपत्ति गलत है, उनके आदेश को यथावत रखा जाएगा।