प्रदीप मिश्रा की शिवपुराण के नाम पर लाखों की ठगी, कथा के लिए दी झूठी तारीख और जमा करवा लिए 21 लाख

राजनांदगांव : छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां पर जाने-माने कथावचाक प्रदीप मिश्रा(सीहोर वाले) की शिवपुराण कथा के आयोजन के नाम पर 21 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. इस मामले में अंबागढ़ चौकी की भोलेनाथ सेवा समिति ने छुरिया ब्लॉक के हालेकोसा निवासी दिनेश साहू पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी. आइए जानते है क्या है पूरा मामला?
दो किश्तों में पैसे लिए थे पैसे
जानकारी के मुताबिक दिनेश साहू वह व्यक्ति है जो हर साल अपने गांव में प्रदीप मिश्रा की कथा आयोजन कराता था. शिकायत कर्ता ने बताया कि इस बार भी दिनेश साहू ने दो किश्तों में पैसे लिए थे. इतना ही नहीं दिनेश ने आयोजकों को कथ की झूठी तारीख भी दे दी थी. लेकिन जब शक हुआ तो रकम वापस मांगी गई तो वह मुकरने लगा.
दीपचंद रजक ने कहा
आयोजन समिति अध्यक्ष दीपचंद रजक का कहना है कि जानकारी मिली थी कि इस कथा का आयोजन दिनेश साहू के माध्यम से करवाया जा रहा है. इसके बाद समिति के अध्यक्ष उसके गांव पहुंचे और आयोजन को लेकर चर्चा की. दिनेश ने आयोजन के लिए नगद राशि देने को कहा. पहले पांच लाख और बाद में 16 लाख रुपये उसे दिए गए. दिनेश ने जल्द ही कथा की तारीख बताने का भरोषा दिलाया.
दिनेश साहू ने दी थी तारीख
दिनेश ने कुछ दिनों बाद 8 मई से 14 मई कथा की तरीख दी. लेकिन बाद में पता चला कि इन दिनों तो पंडित प्रदीप मिश्रा का रांची में कार्यक्रम तय है. लेकिन तब तक समिति द्वारा बैनर पोस्टर लगवाएं जा चुके थे. मेहमानों को आमंत्रित किया जा चुका था. इसी दौरान समिति को कथित धोखाधड़ी की जानकारी मिली.
कथित आरोपी ने क्या कहा?
इस मामले में आयोजकों ने सीहोर जाकर भी शिकायत की लेकिन उनकी नहीं सुनी गई. कथित तौर पर आरोपित दिनेश साहू का कहना है कि समय पर आयोजकों ने पैसा नहीं दिया इसलिए कथा निरस्त हुई. लेकिन समिति ने नगद राशि दी। दिनेश साहू ने दावा किया कि वह पैसे वापस कर रहा है और पांच लाख रुपये टेंट वाले के पास जमा हैं.