रायपुर : नवरात्रि आने वाली है. 11 तारीख से जगह-जगह माता विराजी जाएंगी इसके साथ ही गरबा का आयोजन कराया जा रहा है. जिसे देखते हुए बैठकों का दौर जारी है. राजधानी रायपुर में भी गरबा आयोजनों को लेकर पुलिस ने कमर कस ली है. डीसीपी सेंट्रल तारकेश्वर पटेल ने शहर के सभी बड़े गरबा आयोजकों के साथ बैठक की. बैठक में सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और कानून व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए.
डीसीपी ने ली बैठक
डीसीपी ने साफ कहा कि गरबा पंडालों में अनुमति पत्र में लिखी हर शर्त का पालन करना अनिवार्य होगा. डीसीपी ने बताया कि, अगर कोई भी आयोजक नियम तोड़ता है तो उसकी अनुमति तुरंत निरस्त कर दी जाएगी और उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी. प्रशासन की ओर से गाइडलाइन जारी की गई है. जिसे सभी आयोजकों को फॉलो करना जरूरी होगा.
क्या-क्या जरूरी होगा?
CCTV और सुरक्षा: हर एक गरबा स्थल पर पर्याप्त संख्या में CCTV कैमरे लगाने होंगे और उसकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखनी होगी. साथ ही पुरुष और महिला वालंटियर अलग से रखने के अलावा प्राइवेट सुरक्षा गार्ड तैनात करने होंगे. इन सभी की लिस्ट संबंधित थाने में जमा भी करनी होगी.
एंट्री-एग्जिट प्लान: पंडाल में प्रवेश, निकास और इमरजेंसी गेट खुले और स्पष्ट होने चाहिए. भीड़ निर्धारित क्षमता से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. पार्किंग की व्यवस्था ऐसी हो कि सड़क पर जाम न लगे.
DJ को लेकर सख्ती: गरबा तय समय और तय जगह पर ही होगा. DJ और साउंड सिस्टम केवल अनुमति में दिए गए समय तक और ध्वनि प्रदूषण के नियमों के तहत ही बजेंगे.
हथियार और नशे पर बैन: गरबा स्थल के अंदर किसी भी तरह का हथियार, ज्वलनशील पदार्थ, शराब या नशीली चीजें ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.
सुरक्षा उपकरण: हर पंडाल में अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट एड बॉक्स रखना अनिवार्य होगा. आयोजन के दौरान कम से कम दो जिम्मेदार पदाधिकारी पंडाल में मौजूद रहेंगे.पुलिस ने यह भी कहा कि गरबा में किसी भी तरह की अश्लील, भड़काऊ या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली प्रस्तुति नहीं होनी चाहिए. किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना देनी होगी.