लॉगिन

धनतेरस आज लक्ष्मी-नारायण राजयोग, हस्त नक्षत्र के बीच जानिए किस समय है पूजा का शुभ लग्न

Chhattisgarh November 6, 2026 रिपोर्टर: shailesh
धनतेरस आज लक्ष्मी-नारायण राजयोग, हस्त नक्षत्र के बीच जानिए किस समय है पूजा का शुभ लग्न

धनतेरस आज लक्ष्मी-नारायण राजयोग, हस्त नक्षत्र के बीच जानिए किस समय है पूजा का शुभ लग्न

रायपुर। इस वर्ष धनतेरस का त्योहार 6 नवंबर को है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस वर्ष धनतेरस का त्योहार कई मायनों में खास है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, शुभ दिवाली पर बुध और शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग का शुभ संयोग बनेगा। ज्योतिष में इस योग को बहुत ही शुभ योग माना जाता है। इस योग के बनने के कारण धन, बुद्धि, सुख-सुविधाओं और संपन्नता में वृद्धि होती है। ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, व्यापार और तर्क क्षमता आदि का कारक ग्रह माना जाता है।

धनतेरस पर शुक्रवार का शुभ संयोग

वहीं शुक्र धन, वैभव, प्रेम, विलासिता और भौतिक सुख-सुविधा का कारक ग्रह होता है। जब बुध और शुक्र दोनो ही ग्रह एक राशि में होते है तो इससे लक्ष्मी नारायण योग बनता है। धनतेरस का पर्व शुक्रवार को मनाया जा रहा है। शुक्रवार स्वयं धन, वैभव, सौदर्य और देवी लक्ष्मी का कारक दिन माना जाता है।

सोना-चांदी और वाहन खरीदने से मिलेगी समृद्धि

शुक्रवार के दिन धनतेरस आने से महालक्ष्मी की कृपा और धन वृद्धि का विशेष योग बनता है। इसके अतिरिक्त आज शुभ फल देने वाला हस्त नक्षत्र रहेगा। हस्त नक्षत्र में मी खरीदारी, सोने-चांदी के आभूषण, वाहन या संपत्ति का लेन-देन करना बेहद शुभ और चिरस्थायी समृद्धि देने वाला माना जाता है। त्रयोदशी तिथि सुबह 10:31 बजे प्रारंभ होगी। इसके बाद से खरीदारी के लिए विशेष शुभ योग बन रहे है।

दो स्थिर लग्न

धनतेरस में खरीदी के लिए विशेष मुहूर्त की आवश्यकता नहीं होती है। त्रयोदशी तिथि में सुविधानुसार खरीदी की जा सकती है. किंतु स्थिर लग्न में खरीदी करना अधिक फलदायी होता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस दिन कुभ स्थिर लग्न दोपहर 1:07 बजे से 2:39 बजे तक और वृष स्थिर लग्न शाम 5:45 बजे से 7:42 बजे तक रहेगा, जबकि तेरस तिथि दिन में 11:07 बजे के बाद शुरू होगी। ज्योतिष में चार राशियों को स्थिर राशि माना जाता है, और इनके उदय होने के समय को स्थिर लग्न, कहा जाता है। इनमें वृषभ लग्न, सिंह लग्न, वृश्चिक लग्न और कुंभ लग्न शामिल है।

धनतेरस 2026 मुहूर्त और समय

  1. त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 6 नवंबर को सुबह 10:31 बजे से
  2. त्रयोदशी तिथि समाप्तः 7 नवंबर को सुबह 10:48 बजे तक
  3. खरीदारी का शुभ समय सुबह 10:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक 4. सांध्यकालीन पूजा मुहूर्तः शाम 6:18 बजे से रात 8:10 बजे तक
खबर शेयर करें:

This will close in 20 seconds