गरुड़ नहीं… उल्लू का बच्चा निकला रहस्यमयी पक्षी, अंधविश्वास और विज्ञान आमने-सामने

खैरागढ़ : जिले के शेरगढ़ गांव में उस समय अफरा-तफरी और कौतूहल का माहौल बन गया, जब कर्मा भवन में एक अनजान पक्षी दिखाई दिया। बड़े आंखों और सफेद चेहरे वाले इस पक्षी को देखकर ग्रामीणों ने इसे गरुड़ भगवान मान लिया और पूजा-पाठ शुरू कर दिया। कुछ ही देर में इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
बाद में वन्यजीव विशेषज्ञों की जांच में स्पष्ट हुआ कि यह कोई दिव्य पक्षी नहीं, बल्कि बार्न उल्लू का बच्चा है। जानकारों के अनुसार बार्न उल्लू पुराने भवनों और शांत स्थानों में घोंसला बनाते हैं। इसके बच्चे उड़ने से पहले अक्सर जमीन या कोनों में बैठे दिख जाते हैं, जिससे लोग भ्रमित हो जाते हैं।
विशेषज्ञों ने बताया कि बार्न उल्लू किसानों के लिए बेहद उपयोगी है, क्योंकि यह चूहों और कीटों को नियंत्रित करता है। यह प्रजाति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित है। शेरगढ़ की यह घटना अंधविश्वास और वैज्ञानिक जागरूकता के बीच फर्क को उजागर करती है।