एल्गार परिषद मामले में नवलखा को राहत नहीं, विधायक महेश लंगड़े को मिली जान से मारने की धमकी

मुंबई : एल्गार परिषद-माओवादी लिंक मामले में आरोपी गौतम नवलखा को विशेष एनआईए अदालत से झटका लगा है। अदालत ने कार्यकर्ता गौतम नवलखा की जमानत याचिका खारिज कर दी है। गुरुवार को सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश राजेश कटारिया ने नए सिरे से दलीलें सुनने के बाद नवलखा को जमानत देने से इनकार कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, पिछले महीने बॉम्बे हाई कोर्ट ने विशेष न्यायाधीश द्वारा पारित पहले के आदेश को रद्द कर दिया था। उन्होंने नवलखा की जमानत याचिका पर फिर से सुनवाई करने का निर्देश दिया था। तब हाई कोर्ट ने कहा था कि विशेष अदालत के आदेश में अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए सबूतों का विश्लेषण शामिल नहीं था।
गौरतलब है कि एल्गार परिषद-माओवादी लिंक मामले में नवलखा को अगस्त 2018 में गिरफ्तार किया गया था। बाद में हाउस अरेस्ट की शुरुआती अवधि के बाद अप्रैल 2020 में मुंबई के पास तलोजा जेल ले जाया गया था। हालांकि बीते साल 10 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर विचार करते हुए एक महीने के लिए वापस हाउस अरेस्ट में भेजने की अनुमति दी थी। बता दें कि नवलखा वर्तमान में महाराष्ट्र के ठाणे जिले के नवी मुंबई में रहते हैं।
भाजपा विधायक को मिली जान से मारने की धमकी
महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक विधायक को जान से मारने की धमकी मिली है। उन्होंने इस बारे में पुलिस से भी शिकायत की है। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने बताया कि पिंपरी चिंचवड में भोसरी विधानसभा के विधायक महेश लंगड़े से 30 लाख रुपये रंगदारी मांगी गई है। इतना ही नहीं, अज्ञात आरोपियों ने रुपये नहीं देने पर जान से मारने की भी धमकी दी है।
अधिकारी ने कहा कि विधायक महेश लंगड़े की शिकायत के अनुसार, उनके कार्यालय के हेल्पलाइन नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से 4 अप्रैल को संदेश प्राप्त हुआ। इसमें पैसे नहीं देने पर उनके सिर पर गोली मारने की धमकी दी गई थी। पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमने जबरन वसूली, आपराधिक धमकी और अन्य अपराधों के लिए भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
हाल ही में, पुणे के भाजपा नेता गणेश बिडकर ने भी 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और मांग पूरी नहीं होने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी मिलने के बाद शिकायत दर्ज कराई थी।