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सुरक्षा बलों के एक्शन से दहशत में नक्सली : बन्डा पहाड़ मुठभेड़ से बचकर भागे नक्सल दंपत्ति ने कोंडागाव में किया समर्पण

Chhattisgarh August 22, 2025 रिपोर्टर: shailesh
सुरक्षा बलों के एक्शन से दहशत में नक्सली : बन्डा पहाड़ मुठभेड़ से बचकर भागे नक्सल दंपत्ति ने कोंडागाव में किया समर्पण

सुरक्षा बलों के एक्शन से दहशत में नक्सली : बन्डा पहाड़ मुठभेड़ से बचकर भागे नक्सल दंपत्ति ने कोंडागाव में किया समर्पण

मोहला। छत्तीसगढ़ के मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले में नक्सली संगठन के खिलाफ सुरक्षा बलों के तगड़े प्रहार से माओवादी संगठन में तितर- बितर हो गया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश सहित महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में मुठभेड़ मे नक्सलियों के शीर्ष कमांडरों के लगातार एनकाउंटर में मारे जाने से लाल आतंक का पर्याय बने रहे कैडर अब दहशत में है।

मदनवाड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम रेतेगांव कारेकट्टा बंडा पहाड़ मे दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर तथा आरकेबी डिवीजन कमेटी के संस्थापक विजय रेड्डी और दंडकरण डिवीजन कमांडर लोकेश सलामे को जिले की डीआरजी टीम ने ढेर कर दिया है। इस मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बल के जवानों से जान बचाकर भागे मदनवाड़ा कोडेखुसे डीवीसीएम व कोतरी एरिया कमेटी सचिव नक्सली दपत्ति ने कोण्डागांव पुलिस कप्तान वाय अक्षय कुमार के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है।

नक्सल ऑपरेशनो में मिल रही बड़ी सफलता

जानकारी के अनुसार, मोहला जिले सहित बस्तर महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में लगातार नक्सली मूवमेंट पर एंटी नक्सल यूनिट फोर्स को लगातार सफलता मिल रही है। जिस जंगल को नक्सली बीते कई वर्षों से अपना सेफ जोन मानते थे उन बीहड़ों में अब सुरक्षा बल के जवानों के भुटो की धमक है। नक्सल ऑपरेशनो में बेहद बड़ी सफलता लगातार मिल रही है।

कमांडरों के बिना नक्सली कैडर अनाथ होने के स्थिति में

बताया गया कि, 13 अगस्त देर शाम मदनवाडा थाना क्षेत्र में हुए डीआरजी बल और नक्सलियों के मुठभेड़ में माओवादी संगठन के शीर्ष कमांडर विजय रेड्डी, लोकेश सलामे मारे गए थे। जिसके बाद अपने नक्सली कमांडरों के बिना नक्सली कैडर अनाथ होने के स्थिति में हैं। बीते मंगलवार को मानपुर डिवीजन के कोतरी एरिया कमेटी प्रभारी डीवीसीएम दिलीप उर्फ लक्ष्मण कोर्राम, एसीएम जरीना नक्शली दंपति ने बस्तर कोंण्डागांव पुलिस अधीक्षक वाय अक्षय कुमार के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।

नक्सलियों के आत्मसमर्पण के पीछे कई कारण

लक्ष्मण के ऊपर 8 लाख तथा पत्नी जरीना के ऊपर 5 लाख का ईनाम घोषित था। नक्सलियों के आत्मसमर्पण के पीछे कई कारण है। सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई, नक्सली संगठन में बढ़ते आंतरिक मतभेद, और वरिष्ठ नेताओं का आत्म समर्पण के साथ मारा जाना प्रमुख है। साथ ही समाज के मुख्य धारा में जुड़कर सुरक्षित पारिवारिक जीवन जीने की ललक एक बड़ा कारण है।

18 अगस्त को संगठन छोड़ भागे बस्तर

बताया गया कि, मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले में 6 अगस्त को एक मुठभेड़ के दौरान माड क्षेत्र के हार्डकोर नक्सली डीवीसीएम श्रीकांत पुनेम को मुठभेड़ स्थल से हथियार सहित हिरासत में लिया गया। जिसके बाद 13 अगस्त को मदनवाडा थाना क्षेत्र के दुसरे मुठभेड़ मे जिले कि डीआरजी फोर्स ने नक्सली संगठन के शीर्ष कमांडर विजय रेड्डी तथा लोकेश सलामे को ढेर कर दिया। जिसके बाद बॉर्डर में सक्रिय नक्सली संगठन के बीच हड़कम मच गया है। आत्मसमर्पित नक्सली दंपति लक्ष्मण, जरीना नेतृत्व विहिन और दहशत के बीच 18 अगस्त को मोहला मानपुर बॉर्डर छोड़ बस्तर के कोंडागांव पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिए है। पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह ने कहा कि, इस क्षेत्र में सक्रिय नक्सली कमांडर दंपति ने कोंडागांव में समर्पण किये है। जिनसे नक्सली संगठन तथा मुठभेड़ को लेकर जानकारी एकत्रित की जा रही है।

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