मशरूम फैक्ट्री में बंधक बनाकर कराया काम : महिलाओं-बच्चों के साथ जानवरों जैसा बर्ताव, छापे के बाद 97 मजदूरों का हुआ रेस्क्यू

रायपुर : राजधानी रायपुर में मशरूम फैक्ट्री में महिला बाल विकास विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. यह एक्शन मजदूरों को बंधक बनाकर काम कराया जाए की शिकायत मिलने के बाद हुई. विभाग की टीम ने छापा मारते हुए 97 लोगों को रेस्क्यू कर फैक्ट्री के बाहर निकल गया है. रेस्क्यू किए लोगों में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल है.

मशरूम फैक्ट्री में मजदूरों के साथ जानवरों जैसा सुलूक

दरअसल खरोरा गांव में विकास तिवारी, विवेक और नितेश ये तीनों मिलकर मशरूम फैक्ट्री चलाते हैं, जहां काम कराने के लिए यूपी, बिहार और झारखंड से मजदूरों को लाया गया था. इस मजदूरों के साथ जानवरों जैसा सुलूक किया जाता था, मासूम बच्चों के शरीर पर चोट की निशान भी दिखाई दे रहे थे. काम ना करने पर मजदूरों के ऊपर हाथ भी उठाया जाता था. वहीं 4-5 महीने की तिहाड़ी भी नहीं दी गई थी.

97 मजदूरों का हुआ रेस्क्यू

वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग ने तिल्दा-खरोरा स्थित एक मशरूम फैक्ट्री में छापा मारकर 97 मजदूरों का रेस्क्यू किया. इन सभी को रायपुर के इंडोर स्टेडियम में सुरक्षित रखा गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, रेस्क्यू किये गए मजदूर यूपी-बिहार के हैं.

विभाग को फैक्ट्री में बाल श्रम और संभावित शोषण की जानकारी मिली थी, जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई. छापेमारी के दौरान, अधिकारीयों ने पाया कि इन बच्चियों और लड़कियों को अमानवीय परिस्थितियों में काम पर लगाया गया था.

आगे होगी सख्त कार्रवाई

रेस्क्यू किये गए मजदूरों की काउंसिलिंग की जा रही है, और उनके परिवारों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है. महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और फैक्ट्री मालिक के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे. पुलिस भी मामले की जांच में सहयोग कर रही है.

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