स्वामी आत्मानंद स्कूल के 19 हजार सीटों के लिए सवा दो लाख से ज्यादा अर्जियां

रायपुर : चार वर्ष पहले तक जिन स्कूलों में अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला कराने से कतराते रहे, अब उन स्कूलों में अर्जियों की भरमार है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की महत्वाकांक्षी स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना ने सरकारी स्कूलों की पूछपरख बढ़ा दी है।

इस वर्ष प्रदेश के 379 स्कूलों के लिए आवेदन की प्रक्रिया हुई है। इन स्कूलों में 18 हजार 950 सीटों के लिए दो लाख 29 हजार 40 आवेदन आए हैं। कुछ स्कूलों में लाटरी की प्रक्रिया हो चुकी है और कुछ में होनी है। 22 मई तक दाखिला कराया जाएगा। इन स्कूलों में दाखिला कराने के लिए अभिभावकों भी दफ्तर से दफ्तर और मंत्री-विधायकों के यहां चक्कर लगा रहे हैं।

अभिभावकों तक पैठ बनाने में कामयाब रही सरकार

छत्तीसगढ़ में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के जरिए राज्य सरकार अभिभावकों तक अपनी पैठ बना चुकी है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि स्वामी आत्मानंद स्कूलों की सफलता हमारे हौसले को बढ़ाती है।प्रदेश में जहां-जहां भी जा रहा हूं, वहां लोग मांग रहे हैं।

गौरतलब है कि प्रदेश में पिछले वर्ष तक 279 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में लगभग ढाई लाख बच्चे निश्शुल्क अध्ययनरत रहे हैं। अभी इस वर्ष 101 नए स्कूल खुले हैं जिन्हें बजट में स्वीकृति मिली है।बाकी लगातार नई घोषणाएं हो रही हैं। अन्य 398 स्कूलों को भी खोलने की कवायद चल रही है। स्कूल शिक्षा संचालक सुनील कुमार जैन ने बताया कि स्कूलों में आवेदन की प्रक्रिया जारी है।

रायपुर में प्रमुख स्कूलों में पहली कक्षा के लिए इस तरह आए आवेदन

स्कूल कुल सीट आवेदन

पं. आरडी तिवारी स्कूल 40 1500

भाठागांव स्कूल 50 722

शहीद स्मारक स्कूल 50 941

निवेदिता स्कूल 50 574

बीपी पुजारी स्कूल 50 461

इसलिए स्कूलों की बढ़ रही मांग

विशेषज्ञों का कहना है कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय पूरे देश के लिए नजीर बनते जा रहे हैं। दिल्ली सरकार के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी स्कूलों की कायाकल्प सुधारने के लिए बड़ी योजना बनाई है। इन स्कूलों में पढ़ रहे गरीब और वंचित वर्ग के अभिभावकों के बच्चे भी फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने लगे हैं। इसके अलावा यहां अत्याधुनिक लाइब्रेरी, लैंग्वेज लैब, कंप्यूटर और साइंस लैब के साथ ही टेनिस और बैडमिंटन सहित विभिन्न खेलों की सुविधाएं उपलब्ध हैं। लिहाजा, इन स्कूलों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है।

इस वर्ष सरगुजा-बस्तर में ज्यादा फोकस

नए प्रस्तावित स्कूलों में अकेले सरगुजा और बस्तर संभाग के 252 स्कूल शामिल होंगे, ताकि सुदूर अंचल एवं पिछड़े क्षेत्रों में रहने वाले बच्चे भी अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई कर सकें। गौरतलब है कि तीन जुलाई 2020 को प्रदेश में 52 स्वामी आत्मानंद स्कूल की सबसे पहले शुरुआत हुई थी।

उच्च शिक्षा के लिए भी अंग्रेजी माध्यम के द्वार

राज्य सरकार ने स्वामी आत्मानंद स्कूलों की संख्या को बढ़ाने के साथ कुछ चयनित कालेजों में भी आगामी सत्र से अंग्रेजी माध्यम में शिक्षण शुरू करने का निर्णय लिया गया है। उच्च शिक्षा सचिव भुवनेश यादव ने बताया कि स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के तर्ज पर महासमुंद, कोरबा, बिलासपुर और रायगढ़ जिले में अंग्रेजी माध्यम महाविद्यालय के लिए नए सेटअप और प्रति भवन 12 करोड़ की लागत से चार कालेज भवन निर्माण किया जाएगा। रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कांकेर, बस्तर और अंबिकापुर में पूर्व से स्वीकृत कालेजों को अंग्रेजी माध्यम में परिवर्तित करते हुए कुल 10 जिलों में अंग्रेजी माध्यम आदर्श कालेजों का संचालन प्रारंभ किया जाएगा।

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