बहुचर्चित भोयना तिहरे हत्याकांड में पांचों दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट परिसर में चली चप्पलें

धमतरी. बहुचर्चित भोयना तिहरे हत्याकांड में बुधवार को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मोहन सिंह कोर्राम की अदालत ने पांचों वयस्क दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. करीब एक साल पहले मामूली विवाद के बाद हुई हिंसा में तीन लोगों की जान चली गई थी. अदालत के फैसले के बाद मृतकों के परिजनों का गुस्सा एक बार फिर फूट पड़ा.

दोषियों को अदालत से बाहर लाए जाने के दौरान मृतकों के परिजनों ने आरोपियों पर चप्पलें बरसाईं. परिजन रोते हुए कह रहे थे, “हमारा घर उजाड़कर तुम्हें क्या मिला?” अचानक बिगड़े हालात को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने आरोपियों को घेर लिया और उन्हें तत्काल पुलिस वाहन में बैठाकर सुरक्षित रवाना किया.

मामला 11 अगस्त 2025 की रात ग्राम भोयना स्थित अन्नपूर्णा ढाबा के पास का है. यहां विवाद के बाद हुए हमले में रायपुर निवासी आलोक सिंह ठाकुर, नितिन टांडी और सुरेश हियाल की मौत हो गई थी. पुलिस ने मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें तीन नाबालिग थे. सुनवाई के बाद अदालत ने पांच वयस्क आरोपियों को दोषी ठहराया.

बेटी को आज भी पिता के चॉलेट लाने का इंतेजार

अभियोजन पक्ष ने दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की थी, लेकिन अदालत ने पांचों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. हत्या के साथ बलवा, मारपीट और हथियार रखने के मामलों में भी अलग-अलग सजाएं सुनाई गई हैं, जो साथ-साथ चलेंगी. फैसले के बाद मृतक नितिन की पत्नी ने कहा कि उनके दो छोटे बच्चे हैं. उन्होंने कहा कि परिवार को उम्मीद थी कि दोषियों को फांसी की सजा मिलेगी.

वहीं मृतक सुरेश की पत्नी अंजू भावुक हो गईं. उन्होंने कहा, “मेरी डेढ़ साल की बेटी आज भी दरवाजे की तरफ देखती है और उसे लगता है कि उसके पापा चॉकलेट लेकर वापस आएंगे.” परिजनों का कहना है कि उनके लिए इंसाफ की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. उन्होंने फैसले के खिलाफ आगे अपील करने की बात कही है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

This will close in 20 seconds