रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने देश की दो करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का ऐलान किया. साथ ही पीएम ने छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के ग्राम बादलपुर में बिहान के तहत एकीकृत कृषि क्लस्टर के तहत लखपति दीदियों की पहल करने वाली उषा कोर्राम का भी जिक्र किया है.
जिला मुख्यालय से 32 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत बादलपुर की बहन उषा कोर्राम बेहद गरीब परिवार से हैं. उषा कोर्राम के परिवार में 9 सदस्य हैं. कम जमीन और कोई रोजगार न होने के कारण परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था.
आर्थिक संकट ने किया था बेहाल
आर्थिक तंगी के कारण उषा कोर्राम अपनी मां और अन्य बहनों के साथ कुछ करने की सोचती थी, लेकिन गरीबी और मार्गदर्शन के अभाव के कारण वह आगे कुछ नहीं कर पा रही थी, लेकिन लखपति दीदी योजना के तहत बिहान योजना के तहत जब उन्हें कृषि के क्षेत्र में क्लस्टर दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के साथ अन्य क्षेत्रों में सरकार से मिल रही योजनाओं के बारे में पता चला तो वह आगे आईं.
बिहान टीम ने उन्हें खाद, बीज, दवा आदि सभी चीजें उपलब्ध कराई, जिसका नतीजा है कि उषा और उनका परिवार आज पूरी तरह से खेती करके आर्थिक रूप से मजबूत हो गया है. लखपति दीदी के रूप में अपना नाम कमा रही हैं. देश के प्रधानमंत्री भी उनके काम की सराहना कर चुके हैं, ताकि अधिक से अधिक दीदियां उनके जैसे कृषि और अन्य क्षेत्रों में काम करके लखपति दीदियां बनें.
चारों ओर महिलाओं के लिए प्रेरणा
उषा ने बताया कि अब वह योजना के तहत कृषि कार्य कर रही है. पिछली बार उन्होंने लौकी, बरबटी की खेती की थी और प्रति बाजार 1000 की कमाई होती है. अब उन्होंने बैंगन और अन्य सब्जियां लगाई हैं, उनका परिवार उनका भरण-पोषण करता है. उन्हें देखकर अब गांव की अन्य महिलाएं भी आगे बढ़ रही हैं. जल्द करोड़पति बनने की बात कर रही हैं.
बता दें कि नक्सल प्रभावित इलाकों की महिलाएं अब चारदीवारी से बाहर निकलकर कृषि के क्षेत्र में भी क्रांति लाने के लिए आगे बढ़ रही हैं. उन्हें देशभर में लखपति दीदी के नाम से पहचान मिल रही है. वहीं, पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से इसका जिक्र किया है.