श्रम विभाग के संविदा कर्मचारी सिंधु नाथ मंडल और उमा शंकर साहू पर आरोप था कि वे गुमास्ता लाइसेंस पंजीयन के नाम पर आवेदकों से 5 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। इस मामले की शिकायत जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत को प्राप्त हुई थी, जिसके बाद जांच शुरू की गई।
Kondagaon News: कोण्डागांव के अपर कलेक्टर चित्रकांत चाली ठाकुर ने बताया कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से दोनों संविदा लिपिकों को बर्खास्त कर दिया गया है। श्रम उप निरीक्षक निर्मल कुमार सोरी की भूमिका भी इस मामले में संदेहास्पद पाई गई। उनकी भूमिका को देखते हुए उन्हें भी निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान मुख्यालय तहसील कार्यालय बड़े राजपुर में पदस्थ किया गया है।
Kondagaon News: इस पूरे मामले में लापरवाही और कर्मचारियों पर नियंत्रण नहीं रख पाने के आरोप में जिला श्रम अधिकारी आजाद सिंह पात्र को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनसे जवाब मांगा गया है कि क्यों न उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए? कोंडागांव जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी जीरो टारलेंस की नीति है। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बख्शा नहीं जाएगा और कार्यवाही की जाएगी।